फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Human Rights Commission to examine historian Meera Jatav's death

हिस्ट्रीशीटर मीरा जाटव की मौत की जांच करेगा मानवाधिकार आयोग

Tue, 02 May 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Tue, 02 May 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
Human Rights Commission to examine historian Meera Jatav's death
मीरा जाटव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

एक साल पूर्व कन्नौज और फर्रुखाबाद जिले में जरायम की दुनिया में चर्चित रहने वाली हिस्ट्रीशीटर मीरा जाटव की मौत से जुड़ी फाइलों को फिर से खोला जाएगा। मीरा के पिता की फरियाद पर मानवाधिकार आयोग की टीम जिले में डेरा डालकर उस पर दर्ज लूटपाट के मुकदमे व उसकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। पुलिस अभिरक्षा में हुई महिला की मौत की जांच से उसकी हत्या के आरोप में फंसे बसपा नेता समेत उसके पुत्र व पुलिस कर्मचारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

विज्ञापन


कोतवाली गुरसहायगंज क्षेत्र के गांव निवासी 27 वर्षीय मीरा जाटव पर फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ व कमालगंज थाना और कन्नौज की गुरसहायगंज कोतवाली में आधा दर्जन से अधिक लूट, चोरी व धमकी देने के मामले दर्ज थे। 30 अप्रैल 2016 की रात को कमालगंज थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी सालिगराम ने मीरा जाटव को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। उसी रात को बोलेरो से जेल ले जाते समय महिला आरक्षी नारायणी देवी को धक्का देखकर मीरा ने छलांग लगा दी। जिससे वह घायल हो गई। 09 मई की सुबह करीब 10 बजे कानपुर के हैलट अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा के दौरान मीरा जाटव ने दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन


 मीरा जाटव के पिता ने थाना प्रभारी सालिगराम वर्मा समेत फर्रुखाबाद के बसपा नेता महेंद्र कटियार व उनके पुत्र गुरदीप कटियार व नारायणी देवी और सिपाही अंकेश कटियार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से पूर्व मीरा जाटव ने बसपा नेता के पुत्र गुरदीप कटियार व उसके एक साथी पर अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। मीरा व उसके परिवार का आरोप था कि बसपा नेता के दबाव में कमालगंज थाना प्रभारी ने उसे झूठे मामलों में फंसा कर कई बार जेल भेजा था। 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर उसे चलती कार से नीचे फेंक कर उसकी हत्या का प्रयास किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मीरा की मौत के बाद उसके पिता ने मानवाधिकार आयोग दिल्ली पहुंच कर उसकी पुत्री के साथ हुए अत्याचार व उसकी हत्या के मामले की जांच की फरियाद की थी। इससे आयोग ने मानवाधिकार आयोग की अधिकारी मोनिया उप्पल के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम को तीन से पांच मई तक मीरा जाटव से जुड़े प्रकरणों की जांच सौंपी है। तीन मई को दिल्ली से मोनिया उप्पल टीम के साथ गुरसहायगंज कोतवाली पहुंचेगी। जबकि इस मामले को लेकर मानवाधिकार के निर्देश पर कन्नौज पुलिस ने टीम के सहयोग के लिए छह उप निरीक्षकों के एक पैनल का भी गठन किया है।


शासन के निर्देश पर कई बार हुई मीरा जाटव कांड की जांच
कन्नौज। पुलिस अभिरक्षा में हुई मीरा जाटव की मौत से जुड़े बसपा नेता और पुलिस विभाग के अफसर व कर्मचारियों के नाम के चलते शासन स्तर तक यह प्रकरण चर्चित रहा। पुलिस के लिए वह एक शातिर अपराधी थी तो, वहीं स्थानीय लोगों के लिए वह बेगुनाह थी। मीरा की मौत की जांच शासन के निर्देश पर तत्कालीन कानपुर के पूर्वी एसपी और रसूलाबाद के सीओ समेत अमृतपुर के सीओ को इसकी जांच सौंपी गई थी। इसके अलावा उसकी मौत की जांच कन्नौज के सदर एसडीएम समेत सदर सीओ को भी सौंपी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed