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कहीं नारेबाजी तो कहीं होता रहा काम

Tue, 22 Dec 2015 11:52 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज Updated Tue, 22 Dec 2015 11:52 PM IST
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And there was so much work somewhere slogans

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर मंगलवार

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को कलमबंद हड़ताल का मिलाजुला असर दिखा। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों पर कामकाज रोज की तरह होता दिखा। वहीं तमाम दफ्तरों में कुछ कर्मचारी हड़ताल का समर्थन करते रहे तो कुछ काम करते नजर आए।

वहीं परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता की अगुवाई में कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार को जमकर कोसा। हक व हितों के लिए आरपार की जंग लड़ने का आह्वान किया। कर्मचारी नेता सुबह 10 बजे के बाद से ही कलक्ट्रेट में इकट्ठा होने लगे।

यहां कार्य बहिष्कार के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारी की तरह समान भत्ता, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सात, 14 व 20 वर्षों की सेवा पर तीन पदोन्नति पद, उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित कैशलेस चिकित्सा आदि मांगों को मनवाकर ही कर्मचारी शांत होंगे।

अध्यक्ष ने बताया कि पीडब्ल्यूडी, नलकूप खंड, राजस्व, नलकूप, सिंचाई, विकास विभाग, कृषि विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, पीडब्ल्यूडी, कोषागार आदि विभागों में पूर्णतया बहिष्कार किया गया है। 23 दिसंबर को विनोद दीक्षित चिकित्सालय में बैठक होगी।

इस मौके पर मंत्री मान सिंह प्रजापति, डा. जितेंद्र कटियार, विनीत राज श्रीवास्तव, रवि कुमार, केपी  सिंह, कैलाश चंद्र कटियार, अरविंद कुमार, आरएस कमल, मुकेश चंद्र कमल, सुनील आनंद, विनोद यादव, मुन्ना प्रसाद, अंजनी गौतम, ओमप्रकाश, कुसुम चौहान, उर्मिला यादव, अवनीश चंद्र, रवींद्र पोरवाल आदि मौजूद थे।

उधर, हड़ताल के दौरान कई कर्मचारी दोनों खेमों में रहे। कुछ देर के लिए कलक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलनकारियों को चेहरा दिखाया और फिर मौका मिलते ही वापस दफ्तर लौटकर अफसरों के सामने पहुंचकर काम में जुट गए। वहीं कई कर्मचारी जानकारी न होने व पदाधिकारियों द्वारा बुलाने के लिए न आने की बात कहते हुए भी काम करते रहे।

ब्लाक व तहसीलों में भी कामकाज होता रहा। वहीं जिला अस्पताल में हड़ताल का पूरा असर दिखा। यहां ओपीडी के तहत डाक्टरों को दिखाकर दवा लेने आए मरीजों को भटकना पड़ा। सुबह से ही ओपीडी के दोनों गेटों पर ताले लटकते रहे। वहीं चिकित्सक इधर-उधर टहलते नजर आए। इमरजेंसी में कई मरीजों ने दवा ली और डाक्टर के पास जाकर चेकअप कराया।

मरीज घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग लौट गए। उधर, पीएचसी अमोलर में सिर्फ फार्मेसिस्ट पीडी वर्मा मौजूद रहे, पर कोई काम नहीं किया। यहां हड़ताल के कारण सारा कामकाज बाधित था। तालग्राम सीएचसी में फार्मेसिस्ट विजय वर्मा ने कहा कि हड़ताल के कारण अस्पताल बंद कर कामकाज ठप रखा गया है।

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