Kannauj: ''कलाम के गांव'' से अखिलेश ने दिया पीडीए एकता का पैगाम, बोले- भाजपा सरकार में बंद पड़ा है सोलर प्लांट
Kannauj News: लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीडीए पंचायत अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने निधन से ठीक एक सप्ताह पहले फकीरेपुरवा गांव में सोलर प्लांट की सौगात दी थी। वो भाजपा सरकार में बंद पड़ा है।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव का आगाज करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अल्दुल कलाम की निशानी सहेजे तिर्वा तहसील के फकीरेपुरवा पहुंचे। 27 जुलाई 2015 को अपने निधन से ठीक 20 दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति ने सात जुलाई को इसी गांव में सोल प्लांट का उद्घाटन किया था।
इस प्लांट से गांव के लोगों को मुफ्त बिजली मिल रही थी। यह प्लांट अब पड़ा है। ऐसे में अखिलेश यादव ने इसी गांव में पहुंचकर पीडीए पंचायत अभियान का आगाज किया। कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे अखिलेश यादव ने फकीरेपुरवा गांव में पीडीए पंचायत के दौरान खटिया पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
कहा कि यह पंचायत पूरे प्रदेश के सभी बूथों पर पार्टी के सेक्टर प्रभारी करेंगे। इस दौरान उन्होंने प्लांट की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर फकीरेपुरवा गांव में सोलर प्लांट बनाकर गांव के लोगों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाया था।
भाजपा सरकार में बंद पड़ा है सोलर प्लांट
बिना किसी शुल्क के गांव के लोग बिजली की मदद से गृहस्थी चलाने के साथ ही रोजगार भी हासिल कर रहे थे। भाजपा की सरकार में यह बंद पड़ा है। कहा कि सरकार चाहे तो प्लांट पर लगे उनके नाम के पत्थर को हटा दे, लेकिन इसे फिर से संचालित करके गांव के लोगों को बिजली की सुविधा उपलब्ध करा दे।
भाजपा ने जानबूझ कर गरीबों के गांव से यह सुविधा छीनी है
उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में की जा रही अनदेखी का जवाब कन्नौज की जनता देगी। भाजपा ने जानबूझ कर गरीबों के गांव से यह सुविधा छीनी है। अब गरीब जनता ही उनसे सत्ता छीनेगी। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग भाजपा को जवाब देगा। कहा कि एकता बनाकर रखने की जरूरत है।
2019 में बसपा संग गठबंधन से पहले इसी गांव पहुंचे थे अखिलेश-डिंपल
यह भी संयोग है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन के तहत 11 सीट देने के ऐलान से ठीक एक दिन पहले अखिलेश यादव उसी फकीरेपुरवा गांव पहुंचे, जहां वर्ष 2019 में बसपा संग गठबंधन के ऐलान से ठीक एक दिन पहुंचे थे। तब वह पत्नी डिंपल यादव के साथ आए थे। पिछली बार उन्होंने ट्वीटर चौपाल लगाई थी। इस बार पीडीए पंचायत के तहत ग्रामीणों से बात की।