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‘होर्डिंग माफिया’ का जोर, नगर निगम कमजोर

Mon, 14 Aug 2017 12:45 AM IST
amarujala
amarujala Updated Mon, 14 Aug 2017 12:45 AM IST
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 'Hoarding mafia' emphasizes, municipal weakness
nagar nigam jhansi news - फोटो : demo
झांसी।
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शहर के सक्रिय होर्डिंग माफिया के आगे नगर निगम कमजोर सी दिख रही है। माफिया जहां मर्जी होती है, अवैध होर्डिंग लगा देते हैं। अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होने का असर है कि यह बेलगाम हो गए हैं। पंचकुइयां रोड पर एक महीने पहले अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाई गई थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे यहां पर फिर से अवैध होर्डिंग लगनी शुरू हो गई हैं। पहले दो लगी थीं, अब चार लग गई हैं।

इलाइट चौराहा
इलाइट चौराहा पर हर कोई अपना होर्डिंग लगाना चाहता है। यहां नियमों को ताक पर रखकर बल्लियों और बिजली के खंभों के सहारे होर्डिंग टिकाए जा रहे हैं। कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमीके नाम पर अपना प्रचार किया जा रहा है। खुद को समाजसेवी बताने वाले नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन्होंने इलाइट चौराहा पर बिजली के खंभे के बगल में बल्ली के सहारे खुद की होर्डिंग लगा दी है। इतना ही नहीं, इनकी होर्डिंग में नगर विधायक की फोटो भी लगी हुई है। इससे पता चलता है कि परोक्ष रूप से राजनीतिक संरक्षण की आड़ में होर्डिंग लगाई गई हैं।
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खंडेरावगेट तिराहा
जीवनशाह से पंचकुइयां जाने वाले मार्ग पर खंडेराव गेट पर चार दिन पहले दो अवैध होर्डिंग लगी थीं, लेकिन अब चार लग गई हैं। इसमें से एक होर्डिंग सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष की है। यह महाशय पहले बहुजन समाज पार्टी के एक सांसद के करीबी हुआ करते थे। नगर निगम में इनकी खूब ठेकेदारी चलती थी। सरकार बदली तो इन्होंने भाजपा का चोला ओढ़ना चाहा, जब दाल नहीं गली तो सहयोगी दल में शामिल हो गए। इतना ही नहीं, होर्डिंग के नाम पर प्रचार- प्रसार शुरू कर दिया है। ताकि, सत्ता की आड़ में नगर निगम में ठेकेदारी चमकाई जा सके। 
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एसपीआई कालेज 
जीवनशाह तिराहा स्थित सरस्वती पाठशाला इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उमाशंकर स्वर्णकार ने नगर आयुक्त से कालेज की प्रयोगशाला घेरकर लगी होर्डिंग हटवाने की मांग की थी। उन्होंने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसकी भनक लगने पर होर्डिंग तो उतार दी गई, लेकिन अभी भी अवैध स्ट्रक्चर तना हुआ है। यह स्ट्रक्चर इसलिए तना है, ताकि मौका मिलते ही फिर से अवैध होर्डिंग टांग दी जाए।

जेल चौराहा पर फिर से तन गईं
जेल चौराहा और आसपास की सड़क पर पिछले दिनों अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाई गई थीं। कुछ दिन चौराहा साफ-सुथरा नजर आया, लेकिन अब फिर से यहां पर अवैध होर्डिंग लगनी शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं इलाइट सेे जेल चौराहा तक कई अवैध होर्डिंग तन गई हैं।


एफआईआर क्यों नहीं कराते?
होर्डिंग हटाने के बाद दुबारा फिर से उसी स्थान पर अवैध होर्डिंग लग जाने से न केवल आने जाने वालों को असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा रहता है। ऐसे अवैध होर्डिंग के ठेकेदारों पर यदि एफआईआर दर्ज कराई जाए तो इनकी कारगुजारी पर लगाम लग सकती है।

शिकायतें आ रहीं, जल्द हटवाएंगे 
अवैध होर्डिंग की शिकायतें उनके पास आ रही हैं। जल्द ही इन होर्डिंग को हटवाया जाएगा। शहर में एक भी अवैध होर्डिंग नहीं रहेगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
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