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Lalitpur News: तीन माह बाद भी नहीं आया डीबीटी का पैसा
Thu, 13 Jul 2023 12:15 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:15 AM IST
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छात्र-छात्राएं पुरानी ड्रेस व जूते पहनकर स्कूल आ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय गुजर चुका है। लेकिन, अभी तक छात्रों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी का रुपया नहीं आया है। जिस कारण बच्चे पुरानी ड्रेस, जूता-मोजा और बैग लेकर आ रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने जल्द ही डीबीटी की धनराशि शासन स्तर से जारी होने की बात कही है।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। जिनमें 1.80 लाख के करीब बच्चे पढ़ रहे हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए शासन उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1200 रुपये भेजती है।
इस धनराशि से छात्रों के अभिभावक दो जोड़ी ड्रेस, जूता-मोजा, बैग और पेंसिल-रबर, पेन खरीदते हैं। लेकिन, वर्तमान शैक्षिक सत्र को शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक छात्रों के अभिभावकों के खातों मेें डीबीटी का रुपया नहीं आया है।
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इस कारण से विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राएं पुरानी ड्रेस, जूता-मोजा और बैग लेकर ही आ रहे हैं। वहीं कुछ छात्र-छात्राएं तो ऐसे है जोकि बिना ड्रेस के ही विद्यालय पहुंच रहे है। शिक्षकों के बिना ड्रेस विद्यालय आने का कारण पूछने पर छात्र-छात्राएं जवाब देते हैं कि उनकी ड्रेस फट चुकी है। इस कारण से वह बिना ड्रेस के आ रहे हैं।
वहीं शिक्षकों की माने तो शैक्षिक सत्र शुरू होते ही बच्चे नए ड्रेस, जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल आते हैं तो उनके मन में उत्साह रहता है। समय से डीबीटी का रुपया नहीं भेजे जाने का असर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ता है। स्कूल ड्रेस न होेने पर काफी बच्चे विद्यालय आने में आनाकानी करते हैं।
इस संबंध मेें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह ने बताया कि डीबीटी की धनराशि जल्द ही शासन के द्वारा छात्रों के अभिभावकों के खातों में पहुंचा दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय गुजर चुका है। लेकिन, अभी तक छात्रों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी का रुपया नहीं आया है। जिस कारण बच्चे पुरानी ड्रेस, जूता-मोजा और बैग लेकर आ रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने जल्द ही डीबीटी की धनराशि शासन स्तर से जारी होने की बात कही है।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। जिनमें 1.80 लाख के करीब बच्चे पढ़ रहे हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए शासन उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1200 रुपये भेजती है।
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इस धनराशि से छात्रों के अभिभावक दो जोड़ी ड्रेस, जूता-मोजा, बैग और पेंसिल-रबर, पेन खरीदते हैं। लेकिन, वर्तमान शैक्षिक सत्र को शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक छात्रों के अभिभावकों के खातों मेें डीबीटी का रुपया नहीं आया है।
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इस कारण से विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राएं पुरानी ड्रेस, जूता-मोजा और बैग लेकर ही आ रहे हैं। वहीं कुछ छात्र-छात्राएं तो ऐसे है जोकि बिना ड्रेस के ही विद्यालय पहुंच रहे है। शिक्षकों के बिना ड्रेस विद्यालय आने का कारण पूछने पर छात्र-छात्राएं जवाब देते हैं कि उनकी ड्रेस फट चुकी है। इस कारण से वह बिना ड्रेस के आ रहे हैं।
वहीं शिक्षकों की माने तो शैक्षिक सत्र शुरू होते ही बच्चे नए ड्रेस, जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल आते हैं तो उनके मन में उत्साह रहता है। समय से डीबीटी का रुपया नहीं भेजे जाने का असर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ता है। स्कूल ड्रेस न होेने पर काफी बच्चे विद्यालय आने में आनाकानी करते हैं।
इस संबंध मेें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह ने बताया कि डीबीटी की धनराशि जल्द ही शासन के द्वारा छात्रों के अभिभावकों के खातों में पहुंचा दी जाएगी।