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बेखौफ साइबर अपराधी चोरी कर रहे पासवर्ड
Sun, 23 Dec 2018 02:27 AM IST
देवेंद्र कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 23 Dec 2018 02:27 AM IST
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रुपये निकालने के लिए एटीएम के अंदर व बाहर कतार में लगे लोग साइबर अपराधी हो सकते हैं, जो रुपये निकालते समय बड़ी ही चालाकी से या तो पासवर्ड चोरी कर लेते हैं या फिर बहाना बनाकर एटीएम बदल रहे हैं। इस सप्ताह भी इस तरह के दो मामले सामने आए, जहां ऐसे गिरोह के सदस्यों ने एक युवती समेत दो लोगों के पासवर्ड देखने केे बाद चालाकी से एटीएम बदलकर रुपये भी निकाल लिए। शिकायत पर क्राइम ब्रांच मामले की पड़ताल कर रही है।
अगर आप एटीएम से पैसा निकालने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि महानगर में फिर से एक गिरोह सक्रिय हो गया है। यह गिरोह पैसा निकालने में मदद के बहाने आपके कार्ड को बदलकर दूसरा नकली कार्ड थमा देगा और पलभर में आपका खाता खाली कर देगा। इस सप्ताह गिरोह के सदस्य दो लोगोें के एटीएम बदलकर चूना लगा चुके हैं। गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन के कुछ बटन को निष्क्त्रिस्य कर देते हैं। एटीएम बूथ के पास मंडराते रहते हैं। जैसे ही कोई राशि निकालने के लिए आता है। ठग उसके पास खड़े हो जाते हैं। ग्राहक मशीन में अपना कार्ड डालता, लेकिन बटन निष्क्त्रिस्य होने के कारण राशि नहीं निकल पाती।
इस बीच ठग मदद करने के बहाने बूथ में आता है और मशीन में दोबारा कार्ड डालकर रुपये निकलवाने की प्रक्रिया करवाता है। आहरण के लिए एटीएम कार्ड का पासवर्ड भी पूछ लेता है, इसके बाद ग्राहक के बताए अनुसार राशि का आहरण करके देता है। इस बीच उसका एटीएम कार्ड दूसरे कार्ड से बदल देता है। आहरित हुई राशि को लेकर ग्राहक चला जाता है, वह कार्ड पर ध्यान नहीं देता। इसके बाद बदले गए एटीएम का पासवर्ड देखकर रुपये निकाल लेता है। रुपये निकल जाने का मैसेज आने के बाद ही ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलती है, लेकिन जब तक गिरोह के सदस्य उक्त एटीएम से निकल जाते हैं।
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इन बूथों को बनाते हैं निशाना
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले ऐसे एटीएम बूथों को निशाना बनाते हैं, जहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता। इससे इन मशीनों के बटन को डिस्टर्ब कर देते हैं। इसके बाद ग्राहक आने का इंतजार करते हैं। वहीं, सुनसान स्थान वाले स्थानों पर लगे एटीएम पर भी गिरोह के सदस्य मंडराते रहते हैं। रात के समय आने-जाने वाले लोगाें की रैकी भी करते हैं, क्योंकि रात के समय निशाना बनाना आसान होता है।
केस नंबर 1
शिवाजी नगर निवासी राकेश सिंह मेडिकल कॉलेज के पास बने एक एटीएम पर रुपये निकालने गए थे। यहां भी ठगों ने चालाकी दिखाकर एटीएम बदल दिया, इसके बाद उनके जाने के बाद एटीएम बारह हजार रुपये निकाल लिए।
केस नंबर 2
डडियापुरा निवासी पिंकी दुबे सीपरी क्षेत्र स्थित एक एटीएम से रुपये निकालने गई थीं। यहां भी ठगों ने एटीएम प्रक्रिया कराने के बाद पासवर्ड जानकर अदला-बदली कर एटीम से साढ़े आठ हजार रुपये निकाल लिए।
संदिग्धों से सावधान रहें
एटीएम से राशि निकालते समय आसपास मौजूद लोगों से सावधान रहें। संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए। अगर एटीएम मशीन में तकनीकी खराबी मिलती है, तो तत्काल संबंधित बैंक के टेक्नीकल स्टाफ को सूचना देकर दूसरी एटीएम बूथ से राशि का आहरण करना चाहिए। इस दौरान एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी शेयर नहीं करना चाहिए। अपना एटीएम कार्ड किसी को भी राशि निकालने के लिए न दें।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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अगर आप एटीएम से पैसा निकालने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि महानगर में फिर से एक गिरोह सक्रिय हो गया है। यह गिरोह पैसा निकालने में मदद के बहाने आपके कार्ड को बदलकर दूसरा नकली कार्ड थमा देगा और पलभर में आपका खाता खाली कर देगा। इस सप्ताह गिरोह के सदस्य दो लोगोें के एटीएम बदलकर चूना लगा चुके हैं। गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन के कुछ बटन को निष्क्त्रिस्य कर देते हैं। एटीएम बूथ के पास मंडराते रहते हैं। जैसे ही कोई राशि निकालने के लिए आता है। ठग उसके पास खड़े हो जाते हैं। ग्राहक मशीन में अपना कार्ड डालता, लेकिन बटन निष्क्त्रिस्य होने के कारण राशि नहीं निकल पाती।
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इस बीच ठग मदद करने के बहाने बूथ में आता है और मशीन में दोबारा कार्ड डालकर रुपये निकलवाने की प्रक्रिया करवाता है। आहरण के लिए एटीएम कार्ड का पासवर्ड भी पूछ लेता है, इसके बाद ग्राहक के बताए अनुसार राशि का आहरण करके देता है। इस बीच उसका एटीएम कार्ड दूसरे कार्ड से बदल देता है। आहरित हुई राशि को लेकर ग्राहक चला जाता है, वह कार्ड पर ध्यान नहीं देता। इसके बाद बदले गए एटीएम का पासवर्ड देखकर रुपये निकाल लेता है। रुपये निकल जाने का मैसेज आने के बाद ही ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलती है, लेकिन जब तक गिरोह के सदस्य उक्त एटीएम से निकल जाते हैं।
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इन बूथों को बनाते हैं निशाना
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले ऐसे एटीएम बूथों को निशाना बनाते हैं, जहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता। इससे इन मशीनों के बटन को डिस्टर्ब कर देते हैं। इसके बाद ग्राहक आने का इंतजार करते हैं। वहीं, सुनसान स्थान वाले स्थानों पर लगे एटीएम पर भी गिरोह के सदस्य मंडराते रहते हैं। रात के समय आने-जाने वाले लोगाें की रैकी भी करते हैं, क्योंकि रात के समय निशाना बनाना आसान होता है।
केस नंबर 1
शिवाजी नगर निवासी राकेश सिंह मेडिकल कॉलेज के पास बने एक एटीएम पर रुपये निकालने गए थे। यहां भी ठगों ने चालाकी दिखाकर एटीएम बदल दिया, इसके बाद उनके जाने के बाद एटीएम बारह हजार रुपये निकाल लिए।
केस नंबर 2
डडियापुरा निवासी पिंकी दुबे सीपरी क्षेत्र स्थित एक एटीएम से रुपये निकालने गई थीं। यहां भी ठगों ने एटीएम प्रक्रिया कराने के बाद पासवर्ड जानकर अदला-बदली कर एटीम से साढ़े आठ हजार रुपये निकाल लिए।
संदिग्धों से सावधान रहें
एटीएम से राशि निकालते समय आसपास मौजूद लोगों से सावधान रहें। संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए। अगर एटीएम मशीन में तकनीकी खराबी मिलती है, तो तत्काल संबंधित बैंक के टेक्नीकल स्टाफ को सूचना देकर दूसरी एटीएम बूथ से राशि का आहरण करना चाहिए। इस दौरान एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी शेयर नहीं करना चाहिए। अपना एटीएम कार्ड किसी को भी राशि निकालने के लिए न दें।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी