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ड्रोन कैमरां की नजर में रहेंगे अतिसंवेदनशील बूथ-Lalitpur
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ड्रोन की नजर में रहेंगे अतिसंवेदनशील बूथ
झांसी। लोकसभा चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी पर ड्रोन कैमरे की नजर होगी। जिले के सभी अतिसंवेदनशील केंद्रों पर ड्रोन कैमरे नजर रखेंगे। मतदान वाले दिन हर तरह की गतिविधि पर अधिकारियों की सीधी नजर होने के साथ ही लाइव गतिविधियां भी देखी जा सकेंगी। शुक्रवार को अधिकारियों ने अंतिसंवेदनशील केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान केंद्र देखे।
लोकसभा चुनाव में पहली बार अब जिले में अतिसंवेदनशील बूथोें की निगरानी पुलिस ड्रोन कैमरों से करेगी। जनपद में पहली बार पुलिस और प्रशासन नई पहल की शुरूआत करने जा रहा है। चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है। चुनाव शांति से कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस बार ड्रोन से निगरानी का फैसला लिया है। बूथों व उसके आसपास अराजकतत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन (वीडियो कैमरे से लैस हवा में उड़ने वाला छोटा हेलीकॉप्टर) पुलिस की पूरी सहायता करेगा। घर की छतों अथवा छोटी गलियों में छिपकर किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को पुलिस आसानी से पकड़ सकेगी। बताया गया कि बूथ के एक किलोमीटर दायरे में ड्रोन से आसानी से नजर रखी जा सकेगी। ड्रोन में लगे कैमरों का हर दृश्य स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। ड्रोन उड़ान के दौरान सारी गतिविधियों को भी रिकॉर्ड करता है। अधिकारी पल-पल की जानकारी लाइव देख सकेंगे। ऐसे में कोई किसी की मदद भी नहीं कर सकेगा। साथ ही बूथों पर लगने वाले आरोपों की भी जांच आसानी हो सकेगी। कैमरा स्टार्ट होने के बाद दिन भर की गतिविधियां पल-पल अधिकारी किसी भी समय देख सकेंगे।
मतदान के दौरान लगने वाले आरोपों से भी पुलिस को निजात मिलेगी। प्रत्याशियों से लेकर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हर तरीके के आरोप बूथ केंद्रों के अंदर व बाहर गड़बड़ी के लगाते हैं। ऐसे में ऐन वक्त पर किसी तरह का सुबूत न मिलने के कारण मामला उलझ भी जाता है। ऐसे में ड्रोन कैमरा पुलिस का मददगार बनेगा। किसी भी तरह की शिकायत मिलते ही तत्काल ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग सभी के सामने लाया जाएगा।
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1.7 किमी ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है
ड्रोन अधिकतम 1.7 किलोमीटर रेडियस की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इतनी ऊंचाई से वह आसानी से बेहतर फोटो भी ले सकता है। इसके लिए जगह भी देखी जा रही है, ताकि ड्रोन को उड़ते समय पेड़ों की परेशानी न हो सके।
वीडियोग्राफी भी होगी
बूथ पर जहां ड्रोन कैमरे नजर रखेंगे तो वहीं आसपास वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। कई कैमरों का इंतजाम भी पुलिस व प्रशासन की तरफ से कराया गया है। बूथों पर आने-जाने वाले वाहन भी कैमरे की नजर में रहेंगे।
अंतिसंवेदनशील केंद्र नहीं होंगे उजागर
पिछले चुनावों तक पुलिस ने संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों की संख्या व नाम जारी किए, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में न ही इनकी संख्या और न ही नाम उजागर होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने सख्ती से नियमों का पालन करने के निर्र्देश दिए हैं। हालांकि, प्रशासन ने इन केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। यहां चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
पूरे चुनाव प्रक्रिया के दौैरान हर तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस की नजर में भी मतदान केंद्र व बूथ रहेंगे। गोपनीय नजर भी हर समय बनी रहेगी। - राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक।
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झांसी। लोकसभा चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी पर ड्रोन कैमरे की नजर होगी। जिले के सभी अतिसंवेदनशील केंद्रों पर ड्रोन कैमरे नजर रखेंगे। मतदान वाले दिन हर तरह की गतिविधि पर अधिकारियों की सीधी नजर होने के साथ ही लाइव गतिविधियां भी देखी जा सकेंगी। शुक्रवार को अधिकारियों ने अंतिसंवेदनशील केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान केंद्र देखे।
लोकसभा चुनाव में पहली बार अब जिले में अतिसंवेदनशील बूथोें की निगरानी पुलिस ड्रोन कैमरों से करेगी। जनपद में पहली बार पुलिस और प्रशासन नई पहल की शुरूआत करने जा रहा है। चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है। चुनाव शांति से कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस बार ड्रोन से निगरानी का फैसला लिया है। बूथों व उसके आसपास अराजकतत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन (वीडियो कैमरे से लैस हवा में उड़ने वाला छोटा हेलीकॉप्टर) पुलिस की पूरी सहायता करेगा। घर की छतों अथवा छोटी गलियों में छिपकर किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को पुलिस आसानी से पकड़ सकेगी। बताया गया कि बूथ के एक किलोमीटर दायरे में ड्रोन से आसानी से नजर रखी जा सकेगी। ड्रोन में लगे कैमरों का हर दृश्य स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। ड्रोन उड़ान के दौरान सारी गतिविधियों को भी रिकॉर्ड करता है। अधिकारी पल-पल की जानकारी लाइव देख सकेंगे। ऐसे में कोई किसी की मदद भी नहीं कर सकेगा। साथ ही बूथों पर लगने वाले आरोपों की भी जांच आसानी हो सकेगी। कैमरा स्टार्ट होने के बाद दिन भर की गतिविधियां पल-पल अधिकारी किसी भी समय देख सकेंगे।
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मतदान के दौरान लगने वाले आरोपों से भी पुलिस को निजात मिलेगी। प्रत्याशियों से लेकर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हर तरीके के आरोप बूथ केंद्रों के अंदर व बाहर गड़बड़ी के लगाते हैं। ऐसे में ऐन वक्त पर किसी तरह का सुबूत न मिलने के कारण मामला उलझ भी जाता है। ऐसे में ड्रोन कैमरा पुलिस का मददगार बनेगा। किसी भी तरह की शिकायत मिलते ही तत्काल ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग सभी के सामने लाया जाएगा।
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1.7 किमी ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है
ड्रोन अधिकतम 1.7 किलोमीटर रेडियस की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इतनी ऊंचाई से वह आसानी से बेहतर फोटो भी ले सकता है। इसके लिए जगह भी देखी जा रही है, ताकि ड्रोन को उड़ते समय पेड़ों की परेशानी न हो सके।
वीडियोग्राफी भी होगी
बूथ पर जहां ड्रोन कैमरे नजर रखेंगे तो वहीं आसपास वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। कई कैमरों का इंतजाम भी पुलिस व प्रशासन की तरफ से कराया गया है। बूथों पर आने-जाने वाले वाहन भी कैमरे की नजर में रहेंगे।
अंतिसंवेदनशील केंद्र नहीं होंगे उजागर
पिछले चुनावों तक पुलिस ने संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों की संख्या व नाम जारी किए, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में न ही इनकी संख्या और न ही नाम उजागर होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने सख्ती से नियमों का पालन करने के निर्र्देश दिए हैं। हालांकि, प्रशासन ने इन केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। यहां चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
पूरे चुनाव प्रक्रिया के दौैरान हर तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस की नजर में भी मतदान केंद्र व बूथ रहेंगे। गोपनीय नजर भी हर समय बनी रहेगी। - राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक।