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कान्हा उपवन का डीएम ने किया निरीक्षण
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कान्हा उपवन का काम सात दिन में पूरा करें
झांसी। डीएम/नगर आयुक्त शिवसहाय अवस्थी ने शनिवार को कान्हा उपवन का निरीक्षण किया । उन्होंने सात दिन में कार्य पूर्ण कर आश्रय स्थल को शुरू करने के निर्देश दिए।
आवारा पशुओं की संख्या दिन पर दिन सड़कों और गलियों में बढ़ती जा रही है। इसी समस्या को दूर करने के लिए 27 मई को डीएम शिवसहाय अवस्थी ने नगर निगम में हुई बैठक में कान्हा उपवन के काम में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों की फटकार लगाते हुए कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीएम ने कान्हा उपवन का निरीक्षण कर वहां कार्य प्रगति जानी तथा कार्य तेजी से पूरा करने के साथ ही उपवन को एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का आदेश दिया।
बता दें कि गोवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही दुर्घटनाओं की भी आशंका बढ़ रही है। शहर क्षेत्र में दो ही आश्रय स्थल होने के कारण नगर निगम को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसमें निर्धारित संख्या से अधिक पशु हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि लहरगिर्द स्थित आश्रय पशु स्थल में मौजूदा समय में 404 गोवंश हैं तथा बिजौली कांजी हाउस में 120 गोवंश हैं। इनके लिए दोनों स्थानों पर पानी व चारा की पर्याप्त व्यवस्था है।
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झांसी। डीएम/नगर आयुक्त शिवसहाय अवस्थी ने शनिवार को कान्हा उपवन का निरीक्षण किया । उन्होंने सात दिन में कार्य पूर्ण कर आश्रय स्थल को शुरू करने के निर्देश दिए।
आवारा पशुओं की संख्या दिन पर दिन सड़कों और गलियों में बढ़ती जा रही है। इसी समस्या को दूर करने के लिए 27 मई को डीएम शिवसहाय अवस्थी ने नगर निगम में हुई बैठक में कान्हा उपवन के काम में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों की फटकार लगाते हुए कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीएम ने कान्हा उपवन का निरीक्षण कर वहां कार्य प्रगति जानी तथा कार्य तेजी से पूरा करने के साथ ही उपवन को एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का आदेश दिया।
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बता दें कि गोवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही दुर्घटनाओं की भी आशंका बढ़ रही है। शहर क्षेत्र में दो ही आश्रय स्थल होने के कारण नगर निगम को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसमें निर्धारित संख्या से अधिक पशु हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि लहरगिर्द स्थित आश्रय पशु स्थल में मौजूदा समय में 404 गोवंश हैं तथा बिजौली कांजी हाउस में 120 गोवंश हैं। इनके लिए दोनों स्थानों पर पानी व चारा की पर्याप्त व्यवस्था है।
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