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पीसीएस अफसर बन सकते हैं कुलसचिव-City
Updated Sat, 15 Jul 2017 08:27 PM IST
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कुलसचिव पद पर हो सकती है पीसीएस अफसर की तैनाती
- बीयू के लिए शासन स्तर पर चल रहा विचार
- प्रदेश में पद के सापेक्ष बहुत कम हैं रजिस्ट्रार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अब पीसीएस अफसर को कुलसचिव के पद पर शासन भेजा जा सकता है। शासन स्तर पर इसको लेकर विचार चल रहा है। प्रदेश में पद के सापेक्ष पर्याप्त कुलसचिव नहीं हैं।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव वीएन सिंह का आठ जुलाई को बनारस तबादला हो जाने के बाद रजिस्ट्रार का चार्ज भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. एसपी सिंह को मिला हुआ है। पहले परीक्षा नियंत्रक को चार्ज दिया जा रहा था लेकिन सरकार में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाले मंत्री जी का फोन आने के बाद प्रोफेसर को कार्यवाहक कुलसचिव बना दिया गया। बीयू प्रशासन को आश्वासन मिला था कि जल्द ही कुलसचिव के पद पर किसी की नियुक्ति कर दी जाएगी लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी अब तक किसी की तैनाती नहीं हुई है।
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में रजिस्ट्रार की संख्या काफी कम है। चूंकि, प्रदेश सरकार और राजभवन दोनों का उच्च शिक्षा स्तर सुधारने पर ज्यादा जोर है, ऐसे में उपकुलसचिवों को रजिस्ट्रार बनाने के बजाए पीसीएस अधिकारियों को इस पद पर तैनाती करने का विचार चल रहा है। ताकि, सरकार की योजनाएं और निर्देश मजबूती से धरातल पर उतर सकें। बताया गया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही किसी पीसीएस अधिकारी की नियुक्ति शासन द्वारा की जा सकती है। गौरतलब है सन् 2008 से 2011 तक बीयू में पीसीएस अधिकारी क्रमश: भगवान सिंह, उदयवीर सिंह, डीपी सिंह कुलसचिव रहे।
- बीयू के लिए शासन स्तर पर चल रहा विचार
- प्रदेश में पद के सापेक्ष बहुत कम हैं रजिस्ट्रार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अब पीसीएस अफसर को कुलसचिव के पद पर शासन भेजा जा सकता है। शासन स्तर पर इसको लेकर विचार चल रहा है। प्रदेश में पद के सापेक्ष पर्याप्त कुलसचिव नहीं हैं।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव वीएन सिंह का आठ जुलाई को बनारस तबादला हो जाने के बाद रजिस्ट्रार का चार्ज भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. एसपी सिंह को मिला हुआ है। पहले परीक्षा नियंत्रक को चार्ज दिया जा रहा था लेकिन सरकार में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाले मंत्री जी का फोन आने के बाद प्रोफेसर को कार्यवाहक कुलसचिव बना दिया गया। बीयू प्रशासन को आश्वासन मिला था कि जल्द ही कुलसचिव के पद पर किसी की नियुक्ति कर दी जाएगी लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी अब तक किसी की तैनाती नहीं हुई है।
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सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में रजिस्ट्रार की संख्या काफी कम है। चूंकि, प्रदेश सरकार और राजभवन दोनों का उच्च शिक्षा स्तर सुधारने पर ज्यादा जोर है, ऐसे में उपकुलसचिवों को रजिस्ट्रार बनाने के बजाए पीसीएस अधिकारियों को इस पद पर तैनाती करने का विचार चल रहा है। ताकि, सरकार की योजनाएं और निर्देश मजबूती से धरातल पर उतर सकें। बताया गया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही किसी पीसीएस अधिकारी की नियुक्ति शासन द्वारा की जा सकती है। गौरतलब है सन् 2008 से 2011 तक बीयू में पीसीएस अधिकारी क्रमश: भगवान सिंह, उदयवीर सिंह, डीपी सिंह कुलसचिव रहे।
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