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असली वहशी न मिला तो न जाने कितनी बच्चियों को बनाएगा शिकार
Sun, 09 Jun 2019 11:58 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2019 11:58 PM IST
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घटनास्थल पर एसपी व डीआईजी।
- फोटो : amar ujala
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बता दें कि पुलिस ने बच्ची के साथ हुए मामले में गांव के ही एक वृद्ध व एक अधेड़ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। ग्रामीणों ने दलील है कि यदि नामजद मोतीलाल व जाहर सिंह आरोपी होते तो पुलिस को गांव घर में न मिलते। पुलिस ने सिर्फ बच्ची के पिता से कोई उसका पुराना विवाद पूछा और फिर पिता के जुबान से दोनों का नाम निकलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों के परिजन ग्रामीणों के साथ घंटों तक थाने के बाहर डटे रहे। जिससे स्थिति बिगड़ते देख अधिकारियों ने आसपास के थानों की फोर्स भी बुला ली। इतना ही नहीं दंगा नियंत्रण दल को भी मौके पर बुलाया गया। देर शाम पुलिस दोनों आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच थाने में ही बैठाए रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो असली वहशी दरिंदा और न जाने कितनी बच्चियों को अपनी हैवानियत का शिकार बनाएगा।
मासूम संग हुई दरिंदगी से भी आक्रोश
एक ओर जहां पुलिस की कार्रवाई ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही वहीं दूसरी ओर बच्ची के साथ भी हुई हैवानियत को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। गांव की महिलाओं का कहना था कि बच्ची के साथ इतनी हैवानियत करने वाले को तो गांव के चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए तभी ऐसी हरकतों पर रोक लग सकती है। ग्रामीणों और महिलाओं ने कई बार पुलिस से सही दरिंदे का पकड़ने की बात कही।
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मासूम संग हुई दरिंदगी से भी आक्रोश
एक ओर जहां पुलिस की कार्रवाई ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही वहीं दूसरी ओर बच्ची के साथ भी हुई हैवानियत को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। गांव की महिलाओं का कहना था कि बच्ची के साथ इतनी हैवानियत करने वाले को तो गांव के चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए तभी ऐसी हरकतों पर रोक लग सकती है। ग्रामीणों और महिलाओं ने कई बार पुलिस से सही दरिंदे का पकड़ने की बात कही।
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