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अधिकारियों के सामने पैमाइश कराकर मुआवजा दिलाने की मांग
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उरई । उरई-राठ मार्ग फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों के मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर मुआवजा निर्धारण में मनमानी का आरोप लगाया है। नाराज भू-स्वामियों ने डीएम से अधिकारियों के सामने अधिग्रहीत जमीनों की पैमाइश कराने के बाद मुआवजा देने की मांग की है।
सोमवार को मोहम्मदाबाद गांव के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें भू-स्वामियों ने फोरलेन निर्माण के लिए उनकी अधिग्रहीत की गई जमीनों के उचित मुआवजे की मांग की। बताया कि मामले में उच्च न्यायालय में 2020-21 में याचिका दायर की गई थी। इसमेें भूमि के सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा देने के आदेश उच्च न्यायालय ने दिए थे।
जिला प्रशासन ने कमेटी गठित कर मुआवजा देने की बात स्वीकारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब मनमाने ढंग से जमीनों की नापजोख कर मुआवजा दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने दोबारा पैमाइश कराने व अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के क्षेत्रफल व नापजोख लिखित रूप से दिलवाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में मुहम्मदाबाद गांव के महादेव प्रसाद, वृंदावन, किशोरी लाल, जगदीश प्रसाद, गया प्रसाद, इरशाद, इरफान, नौशाद, नवाब अली आदि शामिल रहे।
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सोमवार को मोहम्मदाबाद गांव के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें भू-स्वामियों ने फोरलेन निर्माण के लिए उनकी अधिग्रहीत की गई जमीनों के उचित मुआवजे की मांग की। बताया कि मामले में उच्च न्यायालय में 2020-21 में याचिका दायर की गई थी। इसमेें भूमि के सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा देने के आदेश उच्च न्यायालय ने दिए थे।
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जिला प्रशासन ने कमेटी गठित कर मुआवजा देने की बात स्वीकारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अब मनमाने ढंग से जमीनों की नापजोख कर मुआवजा दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने दोबारा पैमाइश कराने व अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के क्षेत्रफल व नापजोख लिखित रूप से दिलवाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में मुहम्मदाबाद गांव के महादेव प्रसाद, वृंदावन, किशोरी लाल, जगदीश प्रसाद, गया प्रसाद, इरशाद, इरफान, नौशाद, नवाब अली आदि शामिल रहे।
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