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जिपं अध्यक्ष पद अनारक्षित होने से कुछ के चेहरे खिले तो कुछ मायूस
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
हाथरस जनपद में इस बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित हो गया है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली कुछ राजनेता मायूस हो गए तो कुछ ने फिर से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इससे अब इस पद के लिए पहले की तरह ही इस बार भी रोमांचक मुकाबला होने के आसार हैं।
2015 में भी हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित था। इस बार भी सरकार ने इस पद को अनारक्षित घोषित किया था तो निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव सहित कई नेताओं ने फिर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।
इसी बीच हाईकोर्ट का आदेश आया कि 2015 को आधार मानते हुए नए सिरे से चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाए। ऐसे में यह माना जा रहा था कि जिला पंचायत अध्यक्ष का पद आरक्षित हो सकता है। इस पर सभी की टकटकी लगी थी। लेकिन, बुधवार की रात में शासन का जब यह आदेश आया कि यह पर फिर अनारक्षित है तो कुछ नेताओं के चेहरे पर मायूसी छा गई। यह नेता इस पद को आरक्षित मानकर चल रहे थे।
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हाथरस जनपद में इस बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित हो गया है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली कुछ राजनेता मायूस हो गए तो कुछ ने फिर से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इससे अब इस पद के लिए पहले की तरह ही इस बार भी रोमांचक मुकाबला होने के आसार हैं।
2015 में भी हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित था। इस बार भी सरकार ने इस पद को अनारक्षित घोषित किया था तो निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव सहित कई नेताओं ने फिर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।
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इसी बीच हाईकोर्ट का आदेश आया कि 2015 को आधार मानते हुए नए सिरे से चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाए। ऐसे में यह माना जा रहा था कि जिला पंचायत अध्यक्ष का पद आरक्षित हो सकता है। इस पर सभी की टकटकी लगी थी। लेकिन, बुधवार की रात में शासन का जब यह आदेश आया कि यह पर फिर अनारक्षित है तो कुछ नेताओं के चेहरे पर मायूसी छा गई। यह नेता इस पद को आरक्षित मानकर चल रहे थे।
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