{"_id":"62e4205347ba971a672e39b4","slug":"hathras-special-btc-certificates-of-72-teachers-trapped-in-sit-investigation-will-be-investigated-hathras-news-ali297096594","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : एसआईटी जांच में फंसे 72 शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : एसआईटी जांच में फंसे 72 शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की होगी जांच
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में फंसे 72 शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की भी अब जांच होगी। इसे लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र भेजकर संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी के प्रमाणपत्र मांगे हैं, ताकि उन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 मेें बीएड की पढ़ाई करके बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने वाले 72 शिक्षक-शिक्षिका एसआईटी की जांच में फंसे हुए हैं। इनके खिलाफ शासन के निर्देश पर तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई करते हुए वर्ष 2020 में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन न्यायालय के आदेश पर इन शिक्षकों को फिर से बहाल कर दिया गया। ये शिक्षक जाली व फर्जी बीएड की डिग्री वाले हैं। इनका मामला अभी भी न्यायालय में चल रहा है।
नवागत बीएसए ने ऐसे सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए हैं, ताकि प्रमाणपत्रों को जांच के लिए डायट को उपलब्ध कराया जा सके। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि जिन 72 शिक्षकों के खिलाफ तत्कालीन बीएसए ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उनके विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की जांच होगी। इस संबंध में सभी बीईओ से निर्धारित प्रारूप पर ब्योरा मांगा गया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में फंसे 72 शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की भी अब जांच होगी। इसे लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र भेजकर संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी के प्रमाणपत्र मांगे हैं, ताकि उन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 मेें बीएड की पढ़ाई करके बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने वाले 72 शिक्षक-शिक्षिका एसआईटी की जांच में फंसे हुए हैं। इनके खिलाफ शासन के निर्देश पर तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई करते हुए वर्ष 2020 में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन न्यायालय के आदेश पर इन शिक्षकों को फिर से बहाल कर दिया गया। ये शिक्षक जाली व फर्जी बीएड की डिग्री वाले हैं। इनका मामला अभी भी न्यायालय में चल रहा है।
विज्ञापन
नवागत बीएसए ने ऐसे सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के विशिष्ट बीटीसी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए हैं, ताकि प्रमाणपत्रों को जांच के लिए डायट को उपलब्ध कराया जा सके। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि जिन 72 शिक्षकों के खिलाफ तत्कालीन बीएसए ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उनके विशिष्ट बीटीसी प्रमाणपत्रों की जांच होगी। इस संबंध में सभी बीईओ से निर्धारित प्रारूप पर ब्योरा मांगा गया है। संवाद
विज्ञापन