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बिना कर्ज बना कर्जदार: आधार-पैन का दुरुपयोग कर फाइनेंस करा दी बाइक, पांच साल बाद पता चला
Sun, 20 Sep 2026 10:45 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:45 AM IST
सार
जब हरी सिंह अगसौली स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में ऋण लेने पहुंचे और उन्हें कर्जदार व डिफॉल्टर बताया गया, जिसके बाद उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी।
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धोखाधड़ी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिकंदराराऊ के गांव टोगलपुर निवासी हरी सिंह के आधार और पैन कार्ड की कॉपी का दुरुपयोग कर बाइक फाइनेंस कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित को पांच साल बाद इसकी जानकारी हुई तो उसने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
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हरी सिंह ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व दस्तावेज ठीक कराने के दौरान किसी व्यक्ति ने उनके आधार और पैन कार्ड की प्रतियां रख ली थीं। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बाइक एजेंसी के मैनेजर से मिलीभगत कर उनके नाम पर बाइक फाइनेंस करा एक महिला को दे दी गई।
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हरी सिंह ने कहा कि उन्होंने बाइक फाइनेंस के लिए एजेंसी को दस्तावेज नहीं दिए थे। गांव अगसौली स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में ऋण लेने पहुंचे तो उन्हें कर्जदार और डिफॉल्टर बताया गया। थाना प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच की जा रही है।
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