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हाथरस : सोलर से बिजली बनाओ, माल कमाओ
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गौरव भारद्वाज
हाथरस। वर्तमान में बिजली की अतिरिक्त जरूरतें पूरी करने के लिए लोग सोलर प्लांट लगवा रहे हैं, लेकिन उनका यह तरीका अब उनके लिए कमाने का जरिया भी बन सकता है। उपभोक्ता सोलर प्लांट से जितनी बिजली का उत्पादन करेगा, उसकी खपत के बाद बचने वाली बिजली विभाग द्वारा खरीदी जाएगी। बेचने वाले उपभोक्ता को दो रुपये यूनिट के हिसाब से उसका भुगतान किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा बिजली की यूनिट की गणना के लिए अलग से मीटर भी लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कुसुम योजना की शुरुआत की गई है। हालांकि अभी यह योजना प्रदेश में लागू नहीं हुई है, लेकिन यह योजना सौर ऊर्जा का विकल्प अपनाने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है। सोलर प्लांट लगवाने वाले उपभोक्ता बिजली महकमे को बिजली बेच सकेंगे। उपभोक्ता सरकारी व सोलर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली दोनों का प्रयोग कर सकेंगे।
जिस उपभोक्ता के यहां जितने किलोवाट का कनेक्शन होगा, उसके हिसाब से वह सोलर प्लांट लगवा सकता है। सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली बिजली उपभोक्ता कम खर्च कर पा रहा है तो वह बाकी यूनिट बिजली विभाग को दे सकेगा। इसकी एवज में महकमे द्वारा दो रुपये यूनिट हिसाब से उपभोक्ता को भुगतान किया जाएगा। इसकी रीडिंग की गणना के लिए अलग से मीटर भी लगाया जाएगा। संवाद
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बंजर भूमि में भी होगा बिजली उत्पादन
हाथरस। बिजली अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी भूमि विकासकर्ता को लीज पर देकर भी सौर ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं। इस प्लांट के लिए बंजर और अनुपयोगी जमीन का भी प्रयोग हो सकेगा। जल्द निगम स्तर से आदेश आने के बाद प्लांट लगाने के लिए किसान या उपभोक्ता आवेदन कर सकते हैं। संवाद
जिस उपभोक्ता के यहां जितने किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है, वह उसी के सापेक्ष सोलर प्लांट लगा सकता है। खुद की खपत के बाद बची हुई बिजली को दो रुपये यूनिट के हिसाब से विभाग को दे सकता है। यह नियम अभी घरेलू और नलकूप उपभोक्ताओं पर लागू है। ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी खाली भूमि अपनी मर्जी से प्लांट लगा ले और उस प्लांट से बिजली खरीदी जाए।
-सुभाष चंद्रा एक्सईएन विद्युत विभाग
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हाथरस। वर्तमान में बिजली की अतिरिक्त जरूरतें पूरी करने के लिए लोग सोलर प्लांट लगवा रहे हैं, लेकिन उनका यह तरीका अब उनके लिए कमाने का जरिया भी बन सकता है। उपभोक्ता सोलर प्लांट से जितनी बिजली का उत्पादन करेगा, उसकी खपत के बाद बचने वाली बिजली विभाग द्वारा खरीदी जाएगी। बेचने वाले उपभोक्ता को दो रुपये यूनिट के हिसाब से उसका भुगतान किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा बिजली की यूनिट की गणना के लिए अलग से मीटर भी लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कुसुम योजना की शुरुआत की गई है। हालांकि अभी यह योजना प्रदेश में लागू नहीं हुई है, लेकिन यह योजना सौर ऊर्जा का विकल्प अपनाने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है। सोलर प्लांट लगवाने वाले उपभोक्ता बिजली महकमे को बिजली बेच सकेंगे। उपभोक्ता सरकारी व सोलर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली दोनों का प्रयोग कर सकेंगे।
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जिस उपभोक्ता के यहां जितने किलोवाट का कनेक्शन होगा, उसके हिसाब से वह सोलर प्लांट लगवा सकता है। सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली बिजली उपभोक्ता कम खर्च कर पा रहा है तो वह बाकी यूनिट बिजली विभाग को दे सकेगा। इसकी एवज में महकमे द्वारा दो रुपये यूनिट हिसाब से उपभोक्ता को भुगतान किया जाएगा। इसकी रीडिंग की गणना के लिए अलग से मीटर भी लगाया जाएगा। संवाद
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बंजर भूमि में भी होगा बिजली उत्पादन
हाथरस। बिजली अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी भूमि विकासकर्ता को लीज पर देकर भी सौर ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं। इस प्लांट के लिए बंजर और अनुपयोगी जमीन का भी प्रयोग हो सकेगा। जल्द निगम स्तर से आदेश आने के बाद प्लांट लगाने के लिए किसान या उपभोक्ता आवेदन कर सकते हैं। संवाद
जिस उपभोक्ता के यहां जितने किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है, वह उसी के सापेक्ष सोलर प्लांट लगा सकता है। खुद की खपत के बाद बची हुई बिजली को दो रुपये यूनिट के हिसाब से विभाग को दे सकता है। यह नियम अभी घरेलू और नलकूप उपभोक्ताओं पर लागू है। ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी खाली भूमि अपनी मर्जी से प्लांट लगा ले और उस प्लांट से बिजली खरीदी जाए।
-सुभाष चंद्रा एक्सईएन विद्युत विभाग