फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Children of basic schools will read from old books

हाथरस : पुरानी किताबों से पढ़ेंगे बेसिक स्कूलों के बच्चे

Sat, 02 Apr 2022 11:58 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 11:58 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Children of basic schools will read from old books
नए सत्र के बच्चों को दूसरे बच्चों से लेकर उपलब्ध कराई पुरानी किताबे। संवाद - फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नये सत्र की शुरुआत तो हो गई, लेकिन विभाग ने अपनी पुरानी व्यवस्था में बिल्कुल भी सुधार नहीं किया है। यही वजह है कि बच्चों को नये सत्र में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। यह भी संभव है कि बच्चों को किताबों के बिना ही कई महीने पढ़ाई करनी पड़े, क्योंकि बीते वर्ष भी कई परिषदीय स्कूलों में एक या दो ही किताब से दो से तीन बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ी थी।
विभाग की लापरवाही से परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हर वर्ष इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। जिले में नये सत्र की शुरुआत तो हो गई है। बच्चों के स्कूल पहुंचने पर उनका स्वागत किया जा रहा है, लेकिन विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित कराने की तैयारी अभी तक शुरू नहीं की गई है।
विज्ञापन

ऐसे में विद्यार्थियों को अप्रैल में पाठ्य पुस्तकों का वितरण संभव नहीं लग रहा है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में कई विद्यार्थियों को यूनिफार्म, जूता- मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर की राशि अब तक नहीं मिली है। नये सत्र में बच्चों को ये सामग्री खरीदकर वितरित की जाएगी या डीबीटी से दी जाएगी, इस पर भी अभी निर्णय नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को शासन की ओर से नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाता है। पहली कक्षा में ही एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भी पाठ्यक्रम का निर्धारण होना है, लेकिन सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन को लेकर अभी तक टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है।
इसे पूरा करने में करीब एक महीने से अधिक का समय लगेगा। जिस फर्म को भी टेंडर मिलेगा, उसे पुस्तक प्रकाशित कर वितरण के लिए दो महीने का समय देना होगा। ऐसे में मई जून तक ही स्कूलों में किताबें पहुंचने की उम्मीद लग रही है।

बच्चों की किताबें शासन स्तर से ही आती हैं, इसको लेकर शासन की ओर से अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। जब तक किताबें नहीं आती हैं, बच्चों को दीक्षा के जरिये पढ़ाया जाएगा। वहीं कक्षा पास करने वाले बच्चों से पुरानी किताबें लेकर उस कक्षा में आने वाले बच्चे को वह किताबें दी जा रही हैं। इस संबंध में शासन से भी पत्र प्राप्त हो चुका है। - शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed