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हाथरस : करवा चौथ पर बन रहा शुभ संयोग, लाभकारी होगी पूजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का पर्व मनाया जाता है। करवाचौथ पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। इस दौरान यदि चंद्रमा की पूजा की जाए तो दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ फलदायी साबित होगा। इस व्रत में मां पार्वती, भगवान शिव और गणेशजी की पूजा की जाती है।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। करवाचौथ के दिन शाम में रोहिणी नक्षत्र छह बजकर बजकर 30 मिनट पर लगेगा। ऐसे में इस समय के बाद पूजा करना लाभकारी रहेगा।
चौथ तिथि का आरंभ 12 अक्तूबर को रात दो बजे होगा, जो कि 13 अक्तूबर की रात तीन बजे तक रहेगी। करवाचौथ पर सिद्धि योग बन रहा है। इसी के साथ दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे, इसलिए इस दिन लक्ष्मी नारायण योग बनेगा।
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इसके अलावा बुध और सूर्य भी एक साथ हैं। इस वजह से बुध आदित्य योग भी बन रहा है। वहीं शनि अपनी राशि मकर में होंगे। गुरु मीन राशि में और बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहेंगे। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। यह सभी मिलकर बहुत ही शुभ संयोग बना रहे हैं। संवाद
रात्रि आठ बजकर 30 मिनट पर चंद्र दर्शन
गंगाजल में दूध, सिंदूर मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्रदेव अखण्ड सौभाग्य का आशीष देंगे। अमृतकाल में पूजन सर्वश्रेष्ठ रहेगा। सास का पूजन करें और सुहाग सामग्री का दान करें। सुहागिनें पतिदेव के छविचित्र पर तिलक न करें। रात्रि आठ बजकर 30 मिनट पर चंद्र दर्शन होगा। शुभ संयोग के चलते करवाचौथ पूजन बेहद शुभ रहेगा।
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कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का पर्व मनाया जाता है। करवाचौथ पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। इस दौरान यदि चंद्रमा की पूजा की जाए तो दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ फलदायी साबित होगा। इस व्रत में मां पार्वती, भगवान शिव और गणेशजी की पूजा की जाती है।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। करवाचौथ के दिन शाम में रोहिणी नक्षत्र छह बजकर बजकर 30 मिनट पर लगेगा। ऐसे में इस समय के बाद पूजा करना लाभकारी रहेगा।
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चौथ तिथि का आरंभ 12 अक्तूबर को रात दो बजे होगा, जो कि 13 अक्तूबर की रात तीन बजे तक रहेगी। करवाचौथ पर सिद्धि योग बन रहा है। इसी के साथ दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रहा है। इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे, इसलिए इस दिन लक्ष्मी नारायण योग बनेगा।
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इसके अलावा बुध और सूर्य भी एक साथ हैं। इस वजह से बुध आदित्य योग भी बन रहा है। वहीं शनि अपनी राशि मकर में होंगे। गुरु मीन राशि में और बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहेंगे। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। यह सभी मिलकर बहुत ही शुभ संयोग बना रहे हैं। संवाद
रात्रि आठ बजकर 30 मिनट पर चंद्र दर्शन
गंगाजल में दूध, सिंदूर मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्रदेव अखण्ड सौभाग्य का आशीष देंगे। अमृतकाल में पूजन सर्वश्रेष्ठ रहेगा। सास का पूजन करें और सुहाग सामग्री का दान करें। सुहागिनें पतिदेव के छविचित्र पर तिलक न करें। रात्रि आठ बजकर 30 मिनट पर चंद्र दर्शन होगा। शुभ संयोग के चलते करवाचौथ पूजन बेहद शुभ रहेगा।