महिला को जिंदा जलाने में दो को उम्रकैद
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने संपत्ति हथियाने के लिए महिला को जिंदा जलाने के मामले में न्यायालय ने उसकी बुआ और फुफेरे भाई को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें 10-10 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतका के पति प्रीतम सिंह ने कोतवाली सासनी में 19 दिसंबर, 2012 को तहरीर दी, जिसमें कहा गया कि वह और उसकी पत्नी सतवीरी देवी उर्फ हीरो गांव छौंड़ा में अपने ससुर के यहां रहकर जीवन-यापन कर रहे थे। 17 दिसंबर, 2012 की शाम करीब सात बजे उसकी पत्नी सतवीरी को उसकी बुआ रानी और बुआ के पुत्र जुगेंद्र पुत्र नवाब सिंह निवासी गांव नगला माधौ थाना इगलास जिला अलीगढ़ ने उसकी पत्नी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसका उपचार जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई।
घायल महिला के मजिस्ट्रेट द्वारा बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने बताया कि उसकी बुआ रानी और फुफेरे भाई जुगेंद्र ने उसके पिता की संपत्ति को हड़पने के लिए उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर हत्या करने के प्रयास किए हैं। दोनों आरोपी घटना के बाद से ही जेल में हैं। हाईकोर्ट से भी इनकी जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है। पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने भी जिला न्यायालय को यह निर्देश भी दिए कि इस प्रकरण को छह माह में सुनवाई पूरी कर निस्तारित किया जाए। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई की। सभी पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने सजा का फैसला सुनाया। न्यायालय ने इसकी अनुपालन आख्या भी उच्च न्यायालय को भेजी है।