{"_id":"5ad3940e4f1c1b350b8b4ba6","slug":"murder-charges-for-grabing-four-lakh-rupees","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लाख रुपये हड़पने के लिए हत्या का आरोप ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार लाख रुपये हड़पने के लिए हत्या का आरोप
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
हत्या
कोतवाली हाथरस जंक्शन में दरियापुर के एक युवक की हत्या के मामले में डीआईजी के आदेश पर आईपीसी की धारा 406 और 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। मृतक के पिता ने इस मामले में अपने ही गांव के एक व्यक्ति व उसकी पत्नी एवं उसके साले व बहनोई पर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उसके पुत्र के कारोबार करने के बहाने चार लाख रुपये हड़प लिए और उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पिता भूपेंद्र सिंह निवासी दरियापुर की तरफ से दी गई तहरीर में आरोप है कि उसका 24 वर्षीय पुत्र हरिओम अलीगढ़ गया था। छह अप्रैल को शाम सात बजे उसकी अपने बेटे से फोन पर बात हुई थी। उस समय वह ठीक था और खुद को अलीगढ़ में बता रहा था। उसने अगले दिन फोन किया तो उसका फोन नहीं उठा। बाद में उसके गांव के ओमप्रकाश उर्फ चुम्मा ने हरिओम का फोन उठाया और बताया कि हरिओम सो रहा है। फिर रात में करीब 12 बजे ओमप्रकाश उर्फ चुम्मा का फोन आया कि हरिओम की हालत खराब है। उसने कहा कि उसे किसी डॉक्टर को दिखा दे तो वह उसके बेटे को अपने कमरे से सरकारी अस्पताल हाथरस ले आया। फिर उसने रात को 12.30 बजे फोन किया कि डॉक्टर ने हरिओम को मृत घोषित कर दिया है। इसके बाद यह चुम्मा, उसका बहनोई और साला एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर पर हरिओम को अपनी निजी गाड़ी से लेकर आ गए। उसने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंच गई। जब तक उसका साला और एक अज्ञात व्यक्ति मौका देखकर भाग गए। हरिओम के पिता का कहना है कि उन्होंने अपने पुत्र हरिओम, चुम्मा और चुम्मा की पत्नी राधा को तीन माह पहले चार लाख रुपये दिए थे, जिससे वह अलीगढ़ में कोई कारोबार कर लें। उपरोक्त व्यक्तियों ने रुपये हड़पने की नीयत से एकराय होकर मेरे पुत्र की हत्या कर दी है। कोतवाल हाथरस जंक्शन जगदीश चंद्र ने बताया कि कई दिन पूर्व हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतक के पिता भूपेंद्र सिंह निवासी दरियापुर की तरफ से दी गई तहरीर में आरोप है कि उसका 24 वर्षीय पुत्र हरिओम अलीगढ़ गया था। छह अप्रैल को शाम सात बजे उसकी अपने बेटे से फोन पर बात हुई थी। उस समय वह ठीक था और खुद को अलीगढ़ में बता रहा था। उसने अगले दिन फोन किया तो उसका फोन नहीं उठा। बाद में उसके गांव के ओमप्रकाश उर्फ चुम्मा ने हरिओम का फोन उठाया और बताया कि हरिओम सो रहा है। फिर रात में करीब 12 बजे ओमप्रकाश उर्फ चुम्मा का फोन आया कि हरिओम की हालत खराब है। उसने कहा कि उसे किसी डॉक्टर को दिखा दे तो वह उसके बेटे को अपने कमरे से सरकारी अस्पताल हाथरस ले आया। फिर उसने रात को 12.30 बजे फोन किया कि डॉक्टर ने हरिओम को मृत घोषित कर दिया है। इसके बाद यह चुम्मा, उसका बहनोई और साला एक अज्ञात व्यक्ति उसके घर पर हरिओम को अपनी निजी गाड़ी से लेकर आ गए। उसने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंच गई। जब तक उसका साला और एक अज्ञात व्यक्ति मौका देखकर भाग गए। हरिओम के पिता का कहना है कि उन्होंने अपने पुत्र हरिओम, चुम्मा और चुम्मा की पत्नी राधा को तीन माह पहले चार लाख रुपये दिए थे, जिससे वह अलीगढ़ में कोई कारोबार कर लें। उपरोक्त व्यक्तियों ने रुपये हड़पने की नीयत से एकराय होकर मेरे पुत्र की हत्या कर दी है। कोतवाल हाथरस जंक्शन जगदीश चंद्र ने बताया कि कई दिन पूर्व हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन