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सिपाही की हत्या में पांच को उम्रकैद
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:09 AM IST
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अल्पना सक्सेना के न्यायालय ने हत्या के पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने पांचों को सश्रम आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 10-10 माह का अतिरिक्त कारावास भोगने का भी निर्णय दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कांस्टेबल माधौ सिंह की मौखिक सूचना पर कोतवाली हाथरस गेट में 10 मार्च, 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें कहा गया था कि कांस्टेबल माधौ सिंह और कांस्टेबल रनवीर सिंह कोतवाली हाथरस गेट में दर्ज किए गए 25 आर्म्स एक्ट के आरोपी पवन उर्फ विक्रम जाट पुत्र भूरी सिंह निवासी गांव मानचूहरा कोतवाली इगलास जिला अलीगढ़ को लेकर सीजेएम न्यायालय हाथरस में पेशी के लिए ले गए थे। न्यायालय से प्राप्त अभियुक्त वारंट के अनुसार पवन को जिला कारागार अलीगढ़ में दाखिल करने के लिए मोटर साइकिल से जा रहे थे। बाइक कांस्टेबल रनवीर सिंह चला रहा था। अभियुक्त पवन बीच में बैठा था। वह हथकड़ी का रस्सा पकड़कर पीछे बैठा था। जैसे ही वह श्रीनगर चेक पोस्ट के पास पहुंचे तो पीछे से आए दो बाइक सवार युवकों ने इस बाइक के आगे अपनी बाइक तिरछी लगा ली। इस दौरान इन लोगों ने सिपाही रनवीर सिंह की कनपटी पर रखकर गोली मार दी, जबकि माधौ सिंह पर भी जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इस दौरान यह लोग अभियुक्त पवन को अपने साथ बाइक पर बैठाकर भाग गए। मामले की छानबीन में पुलिस ने विजय सिंह, जसवीर, इंदल सिंह, विक्रम और हुकुम सिंह आदि के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए अलग-अलग सजा सुनाई हैं। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी सुनील कांत शर्मा ने की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक कांस्टेबल माधौ सिंह की मौखिक सूचना पर कोतवाली हाथरस गेट में 10 मार्च, 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें कहा गया था कि कांस्टेबल माधौ सिंह और कांस्टेबल रनवीर सिंह कोतवाली हाथरस गेट में दर्ज किए गए 25 आर्म्स एक्ट के आरोपी पवन उर्फ विक्रम जाट पुत्र भूरी सिंह निवासी गांव मानचूहरा कोतवाली इगलास जिला अलीगढ़ को लेकर सीजेएम न्यायालय हाथरस में पेशी के लिए ले गए थे। न्यायालय से प्राप्त अभियुक्त वारंट के अनुसार पवन को जिला कारागार अलीगढ़ में दाखिल करने के लिए मोटर साइकिल से जा रहे थे। बाइक कांस्टेबल रनवीर सिंह चला रहा था। अभियुक्त पवन बीच में बैठा था। वह हथकड़ी का रस्सा पकड़कर पीछे बैठा था। जैसे ही वह श्रीनगर चेक पोस्ट के पास पहुंचे तो पीछे से आए दो बाइक सवार युवकों ने इस बाइक के आगे अपनी बाइक तिरछी लगा ली। इस दौरान इन लोगों ने सिपाही रनवीर सिंह की कनपटी पर रखकर गोली मार दी, जबकि माधौ सिंह पर भी जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इस दौरान यह लोग अभियुक्त पवन को अपने साथ बाइक पर बैठाकर भाग गए। मामले की छानबीन में पुलिस ने विजय सिंह, जसवीर, इंदल सिंह, विक्रम और हुकुम सिंह आदि के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए अलग-अलग सजा सुनाई हैं। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी सुनील कांत शर्मा ने की।
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