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गैंगस्टर में दो को पांच साल कैद
hathras
Updated Fri, 06 Nov 2015 12:12 AM IST
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हाथरस। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को 5-5 साल के कारावास एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक तत्कालीन थाना प्रभारी सहपऊ जीपी सिंह ने दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया कि 3 अगस्त 2001 को गश्त के दौरान चौराहा धर्मशाला सहपऊ सड़क किनारे खड़े होकर दो संदिग्ध जुगाड़ों को रोका गया तो उसमें बैठे पांच व्यक्तियों ने जुगाड़ों से उतरकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर किए, जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए। इस दौरान दबिश देकर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी जामा तलाशी ली गई। इनमें एक ने अपना नाम भूप सिंह पुत्र कन्हीराम निवासी श्रीनगर कोतवाली पचोखरा जिला फीरोजाबाद, कालीचरन पुत्र रामसनेही निवासी बेलगांव कोतवाली सिकरौली जिला एटा, तीसरे ने अपना नाम गिरेंद्र पुत्र राजाराम निवासी वेदी थाना उत्तर जिला फीरोजाबाद बताया। अभियुक्तों ने भागे हुए व्यक्ति का नाम सुरेश बताया। अभियुक्तों के कब्जे से 315 बोर के तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। पुलिस ने विवेचना के बाद इन लोगों को लोक व्यवस्था के लिए खतरा बताते गिरोहबंद अधिनियम में पाबंद करने की संस्तुति डीएम से की, जिसकी जिला मजिस्ट्रेट ने स्वीकृति प्रदान की।
न्यायालय में इस मुकदमे में दोनों पक्षों को सुना गया, जबकि अभियुक्त गिरेंद्र द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने के बाद पूर्व में सजा सुना दी गई, जबकि सुभाष की दौरान मुकदमा मौत हो गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद भूप सिंह और कालीचरन को सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को धारा 147,148,049 व 307 आईपीसी के में अलग से सजा का प्रावधान किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक तत्कालीन थाना प्रभारी सहपऊ जीपी सिंह ने दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया कि 3 अगस्त 2001 को गश्त के दौरान चौराहा धर्मशाला सहपऊ सड़क किनारे खड़े होकर दो संदिग्ध जुगाड़ों को रोका गया तो उसमें बैठे पांच व्यक्तियों ने जुगाड़ों से उतरकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर किए, जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए। इस दौरान दबिश देकर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी जामा तलाशी ली गई। इनमें एक ने अपना नाम भूप सिंह पुत्र कन्हीराम निवासी श्रीनगर कोतवाली पचोखरा जिला फीरोजाबाद, कालीचरन पुत्र रामसनेही निवासी बेलगांव कोतवाली सिकरौली जिला एटा, तीसरे ने अपना नाम गिरेंद्र पुत्र राजाराम निवासी वेदी थाना उत्तर जिला फीरोजाबाद बताया। अभियुक्तों ने भागे हुए व्यक्ति का नाम सुरेश बताया। अभियुक्तों के कब्जे से 315 बोर के तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। पुलिस ने विवेचना के बाद इन लोगों को लोक व्यवस्था के लिए खतरा बताते गिरोहबंद अधिनियम में पाबंद करने की संस्तुति डीएम से की, जिसकी जिला मजिस्ट्रेट ने स्वीकृति प्रदान की।
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न्यायालय में इस मुकदमे में दोनों पक्षों को सुना गया, जबकि अभियुक्त गिरेंद्र द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने के बाद पूर्व में सजा सुना दी गई, जबकि सुभाष की दौरान मुकदमा मौत हो गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद भूप सिंह और कालीचरन को सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को धारा 147,148,049 व 307 आईपीसी के में अलग से सजा का प्रावधान किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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