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जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सुनाई दस-दस साल की कैद की सजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जानलेवा हमले के तीन अभियुक्तों को दस-दस साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव मानपाल सिंह पुत्र जीवारा सिंह निवासी नगला नगला महासिंह थाना सिकंदराराऊ के मकान के बाहर 27 अगस्त 2014 को शाम साढ़े पांच बजे नामजद आरोपी अवैध असलहा के साथ शराब पीकर गाली-गलौज कर रहा था। इस पर मानपाल सिंह की पत्नी ने उनसे यह कहा कि वह उनके दरवाजे के बाहर शराब पीकर गाली-गलौज न करें।
इस पर अभियुक्त और जोर से गाली-गलौज करने लगे। यह सुनकर मानपाल सिंह व उसकी विवाहित पुत्री मीना घर से बाहर निकल आए और अभियुक्तों से वहां से जाने के लिए कहा तो अभियुक्त विजय ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली मीना की जांघ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके बाद अभियुक्त फायरिंग करते और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया।
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घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घायल का उपचार कराया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना की। इस दौरान अभियुक्त अवधेश को तमंचे सहित गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के उपरांत विवेचनाधिकारी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र ने तीनों अभियुक्तों अवधेश पुत्र बाबू सिंह, अजय व विजय पुत्रगण नेत्रपाल सिंह निवासीगण नगला महासिंह थाना सिकंदराराऊ को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियुक्त पक्ष की ओर से डीजीसी अनुराग शर्मा ने पैरवी की।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जानलेवा हमले के तीन अभियुक्तों को दस-दस साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव मानपाल सिंह पुत्र जीवारा सिंह निवासी नगला नगला महासिंह थाना सिकंदराराऊ के मकान के बाहर 27 अगस्त 2014 को शाम साढ़े पांच बजे नामजद आरोपी अवैध असलहा के साथ शराब पीकर गाली-गलौज कर रहा था। इस पर मानपाल सिंह की पत्नी ने उनसे यह कहा कि वह उनके दरवाजे के बाहर शराब पीकर गाली-गलौज न करें।
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इस पर अभियुक्त और जोर से गाली-गलौज करने लगे। यह सुनकर मानपाल सिंह व उसकी विवाहित पुत्री मीना घर से बाहर निकल आए और अभियुक्तों से वहां से जाने के लिए कहा तो अभियुक्त विजय ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली मीना की जांघ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके बाद अभियुक्त फायरिंग करते और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया।
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घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घायल का उपचार कराया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना की। इस दौरान अभियुक्त अवधेश को तमंचे सहित गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के उपरांत विवेचनाधिकारी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र ने तीनों अभियुक्तों अवधेश पुत्र बाबू सिंह, अजय व विजय पुत्रगण नेत्रपाल सिंह निवासीगण नगला महासिंह थाना सिकंदराराऊ को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियुक्त पक्ष की ओर से डीजीसी अनुराग शर्मा ने पैरवी की।