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मुन्ना खां के परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:59 PM IST
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ब्यूरो अमर उजाला, हाथरस।
जलेसर रोड स्थित सार्वजनिक शौचालय पर कब्जा करने और हाल ही में सेप्टिक टैंक बनाने पहुुंचे नगर पालिका कर्मियों से मारपीट करने के आरोपी मुन्ना खां ने भी पलटवार किया है।
मुन्ना खां ने नगर पालिका पर कोर्ट का स्टे होने के बावजूद उनके घर के दरवाजे के आगे दीवार लगाने और उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अल्पसंख्यक होने के कारण तंग किया जा रहा है। मुन्ना खां ने उत्पीड़न बंद न होने पर पूरे परिवार के साथ सामूहिक आत्मदाह की बात कही है।
मुन्ना खां ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि उनके पिता अब्दुल जहूर ने 1945 में जशोदा धर्मशाला रामघाट की यह संपत्ति क्रय की थी। इस जगह के पूर्व दिशा में धर्मशाला की शेष बची संपत्ति है जिसका उपयोग धर्मशाला के प्रबंधक की अनुमति से उनके पिता और अब वह करते आ रहे हैं। नगर पालिका का शौचालय इस संपत्ति से काफी दूर है।
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नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और इंजीनियर एक अन्य व्यक्ति के साथ षड्यंत्र कर उनके आधिपत्य वाली संपत्ति में घर के पूर्वी दरवाजे के सामने दीवार लगा रहे हैं। यही नहीं उनके घर को नुकसान पहुंचाने के लिए दरवाजे के पास एक गड्ढा भी खोदा जा रहा है। ऐसा पहले भी नगर पालिका के अधिकारी कर चुके हैं। इसे लेकर एक मामला अपर जिला जज के न्यायालय में विचाराधीन है।
इस संबंध में कोर्ट ने दरवाजा खुला रखने का स्टे दिया हुआ है। मुन्ना खां के मुताबिक अल्पसंख्यक होने के कारण स्टे होने के बावजूद अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। अधिकारी उनके विरुद्ध पहले भी झूठा मुकदमा दर्ज करा चुके हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है। मुन्ना खां ने कहा है कि उनके विरुद्ध फर्जी और झूठी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। अगर यह सब चलता रहा तो वह परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे।
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जलेसर रोड स्थित सार्वजनिक शौचालय पर कब्जा करने और हाल ही में सेप्टिक टैंक बनाने पहुुंचे नगर पालिका कर्मियों से मारपीट करने के आरोपी मुन्ना खां ने भी पलटवार किया है।
मुन्ना खां ने नगर पालिका पर कोर्ट का स्टे होने के बावजूद उनके घर के दरवाजे के आगे दीवार लगाने और उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अल्पसंख्यक होने के कारण तंग किया जा रहा है। मुन्ना खां ने उत्पीड़न बंद न होने पर पूरे परिवार के साथ सामूहिक आत्मदाह की बात कही है।
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मुन्ना खां ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि उनके पिता अब्दुल जहूर ने 1945 में जशोदा धर्मशाला रामघाट की यह संपत्ति क्रय की थी। इस जगह के पूर्व दिशा में धर्मशाला की शेष बची संपत्ति है जिसका उपयोग धर्मशाला के प्रबंधक की अनुमति से उनके पिता और अब वह करते आ रहे हैं। नगर पालिका का शौचालय इस संपत्ति से काफी दूर है।
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नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और इंजीनियर एक अन्य व्यक्ति के साथ षड्यंत्र कर उनके आधिपत्य वाली संपत्ति में घर के पूर्वी दरवाजे के सामने दीवार लगा रहे हैं। यही नहीं उनके घर को नुकसान पहुंचाने के लिए दरवाजे के पास एक गड्ढा भी खोदा जा रहा है। ऐसा पहले भी नगर पालिका के अधिकारी कर चुके हैं। इसे लेकर एक मामला अपर जिला जज के न्यायालय में विचाराधीन है।
इस संबंध में कोर्ट ने दरवाजा खुला रखने का स्टे दिया हुआ है। मुन्ना खां के मुताबिक अल्पसंख्यक होने के कारण स्टे होने के बावजूद अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। अधिकारी उनके विरुद्ध पहले भी झूठा मुकदमा दर्ज करा चुके हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है। मुन्ना खां ने कहा है कि उनके विरुद्ध फर्जी और झूठी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। अगर यह सब चलता रहा तो वह परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे।