दुष्कर्म पीड़िता के री-मेडिकल के आदेश
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परिजनों ने एसपी से मिलकर सादाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। परिजनों ने कहा कि जब किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया, फिर भी पुलिस ने मामला छेड़छाड़ की धारा में दर्ज किया। इस मामले में पुलिस को अपनी गलती सुधारनी चाहिए। एसपी घुले सुशील ने परिजनों के सामने ही थानाध्यक्ष केपी सिंह से फोन पर बात की और परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीएम ने भी परिजनों की शिकायत पर सीएमओ को तीन डॉक्टरों की टीम से मेडिकल कराने को कहा है।
इस टीम में उस डॉक्टर को नहीं रखने को कहा गया है, जिसने पहली बार मेडिकल किया था। परिजनों का कहना है कि वह सादाबाद पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें अपनी जानमाल का खतरा सता रहा है। मालूम हो कि 21 अक्तूबर की रात को किशोरी अपने परिजनों के साथ टिन शेड में सो रही थी, तभी गांव के दो लड़के दीवार फांदकर घर में घुस आए और किशोरी का मुंह दबाकर दुष्कर्म करने लगे। किशोरी की चीख निकल जाने से उसकी छोटी बहन जाग गई और उसने शोर मचा दिया। परिजनों के जागने पर आरोपी दीवार फांदकर भाग निकले।