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Hardoi News: निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर बसपा नेता सहित दो सौ पर मुकदमा
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पाली। युवराज हत्याकांड में हत्यारों के एनकाउंटर व घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे बसपा नेता व समाजसेवी और दो सौ समर्थकों के विरुद्ध पाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इन लोगों पर बिना अनुमति के जुलूस निकालने व जनसभा कर नारेबाजी, सांप्रदायिक तनाव फैलाने, आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई शुरू की है।
इस्माइलपुर गावं निवासी युवराज सिंह (17) की बृहस्पतिवार की शाम छह बजे पाली कस्बा के मोहल्ला बिराहना स्थित निर्माणाधीन पुलिस चौकी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में रविवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू अपने काफिले के साथ युवराज के गावं इस्माइलपुर आए थे। बसपा नेता व समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए थे और सभा की थी। इसमें अदनान सहित सभी हत्यारों के एनकाउंटर, घरों पर बुलडोजर चलाने और सभी पर गैंगस्टर लगाए जाने की मांग की थी।
इस मामले में पाली थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीर बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि रविवार को हमराही एसआई ज्ञानेंद्र सिंह के साथ इस्माइलपुर गावं स्थित मंदिर पर ड्यूटी पर थे। शाम साढ़े तीन बजे नटवीर पुलिया हरदोई निवासी राजवर्धन सिंह राजू के नेतृत्व में 150-200 अज्ञात लोगों की ओर से आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 40-50 वाहनों के साथ जुलूस निकालकर सभा की। प्रभारी निरीक्षक एके राय ने बताया है कि राजवर्धन सिंह राजू सहित 150-200 लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 147,148 और 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बोले राजवर्धन सिंह राजू
हम समाज के लिए आवाज उठा रहे हैं। इसी लिए सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि के दबाव में फर्जी मुकदमा लिखा गया है। स्वयं तो मृतक के घर गए नही हैं जो, लोग युवराज को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं उनकी आवाज को दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है। हत्यारों पर न तो गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है और न ही संपत्ति को कुर्क किया गया है। घरों पर बुलडोजर भी नहीं चलाया गया है। लोग प्रदेश में बुलडोजर की सरकार कहते हैं जबकि, पाली में कहीं नही दिख रही है। हम ऐसे मुकदमों से डरने वाले नहीं है। न्याय के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
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मुकदमों से करणी सेना पीछे हटने वाली नहीं
पाली पुलिस की ओर से बसपा नेता सहित समर्थकों पर पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी पर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने पाली थाना प्रभारी निरीक्षक एके राय से फोन पर वार्ता की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। वायरल वीडियों में सुना जा सकता है कि वीरू ने थाना प्रभारी से कहा है कि राजवर्धन पर मुकदमा लिखे जाने का क्या कारण है। अपने हक की लड़ाई लड़ना गलत है, अगर गलत है तो बताओ। किसी पुलिस कर्मी के साथ कोई घटना होती है तो, क्या आप सभी पुलिस कर्मी उसके साथ नहीं जाते हैं। ऐसे ही हमारे समाज के एक छात्र की मौत हो गई तो, क्या उसके लिए न्याय की लड़ाई लड़ना गलत है। कहा मुकदमा लिखकर आप माहौल को शांत नहीं और जटिल बना रहे हैं। मुकदमें लिखने से करणी सेना पीछे नहीं हटेगी। छह जून को उन्होंने बड़े आंदोलन की प्रभारी निरीक्षक को फिर से चेतावनी दी है।
इससे पहले भी एक हुई है रिपोर्ट
युवराज हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे लोगों पर यह कोई पहला मुकदमा नहीं है। शुक्रवार को श्रद्धांजलि के नाम पर सैकड़ों युवा पाली कस्बा के पंथवारी देवी मंदिर पर एकत्र हुए थे। सभी हत्यारों के विरुद्ध नारेबाजी कर एनकाउंटर व घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग कर रहे थे। कस्बा चौकी प्रभारी शिवशंकर मिश्रा ने 11 नामजद व 50-60 अज्ञात युवकों पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन करने समेत 10 धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
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इस्माइलपुर गावं निवासी युवराज सिंह (17) की बृहस्पतिवार की शाम छह बजे पाली कस्बा के मोहल्ला बिराहना स्थित निर्माणाधीन पुलिस चौकी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में रविवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू अपने काफिले के साथ युवराज के गावं इस्माइलपुर आए थे। बसपा नेता व समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए थे और सभा की थी। इसमें अदनान सहित सभी हत्यारों के एनकाउंटर, घरों पर बुलडोजर चलाने और सभी पर गैंगस्टर लगाए जाने की मांग की थी।
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इस मामले में पाली थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीर बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि रविवार को हमराही एसआई ज्ञानेंद्र सिंह के साथ इस्माइलपुर गावं स्थित मंदिर पर ड्यूटी पर थे। शाम साढ़े तीन बजे नटवीर पुलिया हरदोई निवासी राजवर्धन सिंह राजू के नेतृत्व में 150-200 अज्ञात लोगों की ओर से आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 40-50 वाहनों के साथ जुलूस निकालकर सभा की। प्रभारी निरीक्षक एके राय ने बताया है कि राजवर्धन सिंह राजू सहित 150-200 लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 147,148 और 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बोले राजवर्धन सिंह राजू
हम समाज के लिए आवाज उठा रहे हैं। इसी लिए सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि के दबाव में फर्जी मुकदमा लिखा गया है। स्वयं तो मृतक के घर गए नही हैं जो, लोग युवराज को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं उनकी आवाज को दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है। हत्यारों पर न तो गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है और न ही संपत्ति को कुर्क किया गया है। घरों पर बुलडोजर भी नहीं चलाया गया है। लोग प्रदेश में बुलडोजर की सरकार कहते हैं जबकि, पाली में कहीं नही दिख रही है। हम ऐसे मुकदमों से डरने वाले नहीं है। न्याय के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
मुकदमों से करणी सेना पीछे हटने वाली नहीं
पाली पुलिस की ओर से बसपा नेता सहित समर्थकों पर पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी पर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने पाली थाना प्रभारी निरीक्षक एके राय से फोन पर वार्ता की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। वायरल वीडियों में सुना जा सकता है कि वीरू ने थाना प्रभारी से कहा है कि राजवर्धन पर मुकदमा लिखे जाने का क्या कारण है। अपने हक की लड़ाई लड़ना गलत है, अगर गलत है तो बताओ। किसी पुलिस कर्मी के साथ कोई घटना होती है तो, क्या आप सभी पुलिस कर्मी उसके साथ नहीं जाते हैं। ऐसे ही हमारे समाज के एक छात्र की मौत हो गई तो, क्या उसके लिए न्याय की लड़ाई लड़ना गलत है। कहा मुकदमा लिखकर आप माहौल को शांत नहीं और जटिल बना रहे हैं। मुकदमें लिखने से करणी सेना पीछे नहीं हटेगी। छह जून को उन्होंने बड़े आंदोलन की प्रभारी निरीक्षक को फिर से चेतावनी दी है।
इससे पहले भी एक हुई है रिपोर्ट
युवराज हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे लोगों पर यह कोई पहला मुकदमा नहीं है। शुक्रवार को श्रद्धांजलि के नाम पर सैकड़ों युवा पाली कस्बा के पंथवारी देवी मंदिर पर एकत्र हुए थे। सभी हत्यारों के विरुद्ध नारेबाजी कर एनकाउंटर व घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग कर रहे थे। कस्बा चौकी प्रभारी शिवशंकर मिश्रा ने 11 नामजद व 50-60 अज्ञात युवकों पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन करने समेत 10 धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।