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Hardoi News: लापरवाही की भेंट चढ़ रहीं जिले की स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण भी प्रभावित
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हरदोई। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं लापरवाही की भेंट चढ़ती जा रही हैं। सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा। नियमित टीकाकरण और संस्थागत प्रसवों को बढ़ाने पर जोर देने के बावजूद स्थिति ठीक नहीं है। जनपद के चार ब्लॉकों की स्थिति काफी खराब है। आला अफसरों ने इस पर काफी नाराजगी भी व्यक्त की और शत प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति पर जोर दिया।
शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और टीबी रोगाणु से लड़ने में सक्षम बनाने के लिए नियमित टीकाकरण कराया जाता है। बीसीजी का टीका नवजात को जन्म से छह माह के भीतर लगा दिया जाता है लेकिन बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षण करने में जिले की स्थिति ठीक नहीं है। जिले में बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षण टीकाकरण किए जाने में लापरवाही की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते माह तक जिले के 1.31 लाख बच्चों का नियमित टीकाकरण होना था लेकिन जिले में 42,200 बच्चों का ही टीकाकरण हुआ। टीकाकरण की धीमी प्रगति पर सबसे अधिक शाहाबाद, भरावन, बेहंदर और सुरसा की स्थिति खराब है। जिले के 19 विकास खंडों में उक्त चार ब्लॉकों की स्थिति ठीक न होने पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की चेतावनी देते हुए टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए।
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प्रसव की भी स्थिति नहीं ठीक
संस्थागत प्रसवों को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है फिर भी संस्थागत प्रसवों की स्थिति ठीक नहीं है। बीते माह जनपद की 19 ब्लॉकों में 5227 संस्थागत प्रसव हुए हैं। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने प्रसवों की प्रगति में कमी होने पर बावन, हरियावां, टड़ियावां और कछौना के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगली बार प्रगति कम मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और टीबी रोगाणु से लड़ने में सक्षम बनाने के लिए नियमित टीकाकरण कराया जाता है। बीसीजी का टीका नवजात को जन्म से छह माह के भीतर लगा दिया जाता है लेकिन बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षण करने में जिले की स्थिति ठीक नहीं है। जिले में बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षण टीकाकरण किए जाने में लापरवाही की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते माह तक जिले के 1.31 लाख बच्चों का नियमित टीकाकरण होना था लेकिन जिले में 42,200 बच्चों का ही टीकाकरण हुआ। टीकाकरण की धीमी प्रगति पर सबसे अधिक शाहाबाद, भरावन, बेहंदर और सुरसा की स्थिति खराब है। जिले के 19 विकास खंडों में उक्त चार ब्लॉकों की स्थिति ठीक न होने पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की चेतावनी देते हुए टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए।
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प्रसव की भी स्थिति नहीं ठीक
संस्थागत प्रसवों को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है फिर भी संस्थागत प्रसवों की स्थिति ठीक नहीं है। बीते माह जनपद की 19 ब्लॉकों में 5227 संस्थागत प्रसव हुए हैं। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने प्रसवों की प्रगति में कमी होने पर बावन, हरियावां, टड़ियावां और कछौना के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगली बार प्रगति कम मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।