फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   A separate ward has been set up to treat cold wave victims.

Hardoi News: शीत लहर के पीड़ितों को इलाज देने के लिए बना अलग वार्ड

Wed, 17 Dec 2025 10:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 10:53 PM IST
विज्ञापन
A separate ward has been set up to treat cold wave victims.
फोटो-16- शीत लहर से पीड़ित मरीजों के लिए आर​क्षित किया गया वार्ड। संवाद
हरदोई। शीत लहर का प्रकोप शुरू हो गया है। शीत लहर और कोहरे की वजह से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने के साथ-साथ कई बार मृत्यु होने की आशंका भी रहती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में शीत लहर से पीड़ितों का इलाज करने के लिए अलग वार्ड बना दिया गया है। शीत लहर के पीड़ितों के लिए 10 बेडों का अलग वार्ड तैयार कर दिया गया है।
विज्ञापन

शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, बजुर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, गर्भवती व धात्री माताओं, महिलाओं, बच्चों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले लोगों पर पड़ता है। सर्दी के मौसम में शीत-घात की वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम भी हो जाता है। इन समस्याओं को लेकर काफी लोग अस्पतालों में उपचार के लिए भी पहुंच रहे हैं। शीत लहर से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए ही मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड को अब शीत लहर के पीड़ितों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि 10 बेड के वार्ड में शीतलहर से प्रभावित मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। वार्ड में सभी तैयारियां कर दी गई हैं।
विज्ञापन



शीत लहर से पीड़ित होने के यह हैं लक्षण
हरदोई। जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्र विद्यार्थी ने बताया कि शीत लहर पीड़ित मरीज को अल्प ताप अवस्था के लक्षण जैसे सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रुकने वाली कंपकपी, याददाश्त जाना, बेहोशी या मूर्छा की अवस्था का होना, जुबान का लड़खडाना, बच्चों में लाल व ठंडी त्वचा का होना, ऊर्जा में कमी दिखाई देने आदि लक्षण होते हैं। ऐसे में चिकित्सक को तुंरत दिखाकर परामर्श लेना चाहिए। शीत लहर के समय जितना संभव हो सके, घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अतिआवश्यक हो तो ही बाहर यात्रा करें। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें। शरीर की प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं और नियमित प्रयोग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन फसलों के लिए नुकसान दायक है कोहरा
मौसम में बदली के साथ कोहरा और पाला से रबी सीजन की फसलों के लिए लाभ की अपेक्षा नुकसानदायक अधिक है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष वैज्ञानिक डॉ. एके तिवारी ने बताया कि रबी फसलों में यह मौसम केवल गेहूं की फसल के लिए ही फायदेमंद हैं। बताया कि आलू, मिर्च, टमाटर, बैगन आदि फसलों के लिए नुकसानदायक है। फसलों को पाला और मौसम से बचाने के लिए किसान फफूंदीनाशक दवाओं का छिड़काव करें। पाला से बचाव के लिए किसान खेतों में नमी बनाए रखें। अधिक मौसम खराब होने पर फसलों पर चूल्हे, अलाव की राख को छानकर सुबह-शाम छिड़काव करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed