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अनदेखी - मजदूरी करने को मजबूर है वर्ल्ड वुसू चैंपियन विनोद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 11:54 PM IST
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अनदेखी - मजदूरी करने को मजबूर है वर्ल्ड वुसू चैंपियन विनोद
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हापुड़। सरकार भले ही खेलों के क्षेत्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के स्वर्णिम भविष्य के दावे कर रही है। लेकिन हापुड़ के गांव सपनावत निवासी एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी देश को विभिन्न खेलों में कई पदक दिलाने के बाद भी मेहनत मजदूरी करने को मजबूर है। वर्ल्ड वुसू चैंपियन रहने के साथ ही एक मिनट में 360 पंच मारने का रिकॉर्ड बनाकर सपनावत के विनोद ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। लेकिन शासन, प्रशासन की अनदेखी से वह अपनी अद्भुत प्रतिभा को पूरी तरह निखार नहीं पा रहा है।
सपनावत निवासी महमवीर सिंह खेती बाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनका पुत्र विनोद राणा खेलों में प्रतिभाशाली है। वर्ष 2015 में मुंबई में आयोजित द्वितीय वर्ल्र्ड वुसू और मार्शल आर्ट में विनोद ने स्वर्ण पदक जीत देश का नाम रोशन किया था।
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वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की किक बॉक्सिंग में भी स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2012 में एयरटेल हाफ मैराथन और पुणे में फुल मैराथन में अच्छा प्रदर्शन किया था। वर्ष 2016-17 में चार बार डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलिंग में भाग लिया था और 2017 में हरिद्वार में ओपन फ्री स्टाईल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता था।
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बता दें कि रेस्लिंग में दा ग्रेट खली के सान्ध्यि में उन्होंने अभ्यास कर, देश के रेसलरों को पटखनी दी थी। इतना ही नहीं एक मिनट में 360 पंच मारकर 2020 के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उन्होंने अपना नाम दर्ज कराया है।
इतनी उपलब्धि और प्रतिभा होने के बाद भी विनोद राणा मेहनत मजदूरी करने को मजबूर हो रहे हैं। क्योंकि आर्थिक तंगी के चलते वह अच्छे स्टेडियम तक नहीं जा पा रहे हैं। कई बार जन प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचवाने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। स्थानीय प्रशासन भी ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

विनोद राणा का कहना है कि उसका सपना देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रोशन करना है। घर पर ही अभ्यास कर वह इतने पदक जीतकर लाया है। यदि शासन उस पर ध्यान दे तो निश्चित है वह देश को कई पदक दिला देंगे।
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