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Hapur News: डीएम के आदेश बेअसर, अतिक्रमण से रास्ते संकरे
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ब्रजघाट में गंगा के तट पर दुकानदारों ने किया अतिक्रमण। संवाद
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ब्रजघाट। डीएम के स्पष्ट आदेशों के बावजूद गंगानगरी ब्रजघाट क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या जस की तस बनी हुई है।
गंगा स्नान के लिए रोजाना आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को दुकानों के बाहर फैले अतिक्रमण के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा किनारे और मुख्य बाजार के मार्गों पर दुकानदारों द्वारा सामान बाहर तक फैलाकर रखा जा रहा ह। इससे रास्ते संकरे हो गए हैं। कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती। भीड़भाड़ के समय श्रद्धालुओं को एक-दूसरे से टकराते हुए गुजरना पड़ता है। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन स्तर से अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने की बात कही जाती है, लेकिन यह केवल कागजों तक ही सीमित रहता है। डीएम के आदेश के बाद भी न तो स्थाई कार्रवाई हो पाई है और न ही अतिक्रमणकारियों पर सख्ती दिखाई गई है। इसके कारण हालत खराब होते जा रहे हैं, 60 फीट चौड़े रास्ते को सिर्फ 35 फीट छोड़ा गया है, बाकी रास्ता अतिक्रमण की चपेट में है।
इससे साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और निरंतर कार्रवाई की कमी बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा स्नान जैसे पवित्र कार्य के लिए आने पर भी उन्हें अव्यवस्था और भीड़ का सामना करना पड़ता है। इससे उनकी आस्था पर भी असर पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ सख्त और स्थाई कार्रवाई की जाए, ताकि ब्रजघाट क्षेत्र में व्यवस्था सुधर सके।
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पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी का कहना है कि टीम के साथ जाकर अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। नोटिस और मुनादी कर पहले अलर्ट किया जाएगा फिर कार्रवाई शुरु होगी।
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गंगा स्नान के लिए रोजाना आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को दुकानों के बाहर फैले अतिक्रमण के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा किनारे और मुख्य बाजार के मार्गों पर दुकानदारों द्वारा सामान बाहर तक फैलाकर रखा जा रहा ह। इससे रास्ते संकरे हो गए हैं। कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती। भीड़भाड़ के समय श्रद्धालुओं को एक-दूसरे से टकराते हुए गुजरना पड़ता है। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन स्तर से अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने की बात कही जाती है, लेकिन यह केवल कागजों तक ही सीमित रहता है। डीएम के आदेश के बाद भी न तो स्थाई कार्रवाई हो पाई है और न ही अतिक्रमणकारियों पर सख्ती दिखाई गई है। इसके कारण हालत खराब होते जा रहे हैं, 60 फीट चौड़े रास्ते को सिर्फ 35 फीट छोड़ा गया है, बाकी रास्ता अतिक्रमण की चपेट में है।
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इससे साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और निरंतर कार्रवाई की कमी बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा स्नान जैसे पवित्र कार्य के लिए आने पर भी उन्हें अव्यवस्था और भीड़ का सामना करना पड़ता है। इससे उनकी आस्था पर भी असर पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ सख्त और स्थाई कार्रवाई की जाए, ताकि ब्रजघाट क्षेत्र में व्यवस्था सुधर सके।
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पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी का कहना है कि टीम के साथ जाकर अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। नोटिस और मुनादी कर पहले अलर्ट किया जाएगा फिर कार्रवाई शुरु होगी।