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Hapur News: खूंखार कुत्ते ने पांच को काटा, एक मेरठ रेफर

Sat, 08 Jun 2024 09:32 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Sat, 08 Jun 2024 09:32 PM IST
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dig bite five people
हापुड़। गढ़ रोड पर कुत्ते के आतंक के बाद शनिवार को बुलंदशहर रोड पर एक कुत्ते ने पांच लोगों को काटकर घायल कर दिया। इसमें एक बुजुर्ग के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। जिसे मेरठ के लिए रेफर किया गया है। शनिवार को हापुड़ सीएचसी में 150 लोग इंजेक्शन लगाने पहुंचे। कुत्तों के शिकार पीड़ितों में बच्चों की संख्या 70 प्रतिशत तक रही।
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गर्मी के कारण कुत्तों के काटने के मामले बढ़ने लगे हैं। यही कारण है कि गढ़ रोड स्थित सीएचसी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज तक उपचार कराने पहुंच रहे हैं। शनिवार की सुबह भी अलग-अलग इलाकों से सीएचसी में एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाने के लिए पीडि़त पहुंचे। बुलंदशहर रोड निवासी शब्बीर अहमद के दोनों पैरों को कुत्ते ने काटकर जख्मी कर दिया था गहरे जख्मों व हड्डी में चोट के कारण चिकित्सक ने उन्हें मेरठ अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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वहीं, बुलंदशहर रोड पर मजीदपुरा के पास एक कुत्ते ने चार अन्य लोगों को काट लिया। जिसमें दो बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं। इन चारों का भी सीएचसी में इलाज कराया गया है। इसके अलावा नगर के मोहल्ला श्रीनगर निवासी कुलदीप, त्यागी नगर निवासी अमित सिंहल, शिवपुरी निवासी तेज सिंह, आदर्श नगर कालोनी निवासी सात वर्षीय ध्रुव आदि भी सीएचसी में इलाज कराने पहुंचे। शनिवार को 153 मरीजों ने सीएचसी में अपना उपचार कराया है।
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नगर पालिका नहीं उठा रही कदम --

शहर में कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इसके लिए नगर पालिका को कदम उठाना चाहिए। कुत्तों का बंध्याकरण और बंदरों को पकड़वाकर जंगलों में भेजना चाहिए, लेकिन अधिकारी इस ओर कोई सही कदम नहीं उठा रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से उठाना पड़ रहा है। तमाम शिकायतों के बाद भी नगर पालिका के अधिकारी चुप बैठे हुए हैं।






कोई नहीं ले रहा टेंडर --

बंदरों को पकडऩे के लिए नगर पालिका ने टेंडर निकाला था। एक बंदरों को पकड़ने का खर्चा करीब 600 रुपये दिखाया गया था, लेकिन लगभग तीन साल पहले शहर में बंदरों को पकड़ने का काम कर चुके ठेकेदार का भुगतान आज तक नहीं हो सका, यही कारण है कि दूसरे ठेकेदार काम करने से बच रहे हैं। बार-बार टेंडर निकालने के बाद भी निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। हालांकि, कुछ समय पहले एक लाख रुपये नगर पालिका ने खर्च कर कुछ बंदरों को पकड़वाने का दावा किया है।


कोट -

विभाग के पास जो भी मरीज आ रहा है, उसका उपचार करा रहे हैं। कुत्तों और बंदरों को पकड़ने का कार्य नगर पालिका का है।- डॉ. सुनील कुमार त्यागी, सीएमओ
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