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Hapur News: एससीएसटी एक्ट के दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा
Fri, 07 Jul 2023 09:56 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 07 Jul 2023 09:56 PM IST
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हापुड़।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट सहित कई अन्य अपराध के आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा व नौ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट विनीता त्यागी ने बताया कि गांव कालीचरण ने थाना हाफिजपुर में एक तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि चार अप्रैल 2005 को उनके पिता रामकिशन अपने खेत में काम रहे थे। वह दो अन्य मजदूरों के साथ मिलकर अपने खेत के किनारे पर खड़े पोपुलर के पेड़ों की छंटाई कर रहे थे। तभी वहां गांव का ही हरेंद्र सिंह आया और उसके पिता से गाली-गलौज करने लगा। जिसका विरोध करने पर उसने मारपीट व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। मारपीट में उनके पिता घायल हो गए है। जिस पर उनके पिता ने शोर मचाया। जिसको सुनकर कुछ लोग घटना स्थल की तरफ दौड़े। जिनको देखकर आरोपी हरेंद्र सिंह उनके पिता को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की एससीएसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जहां पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने मामले में शुक्रवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी हरेंद्र सिंह को मामले में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी द्वारा अर्थदंड अदा न करने पर उसे चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट विनीता त्यागी ने बताया कि गांव कालीचरण ने थाना हाफिजपुर में एक तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि चार अप्रैल 2005 को उनके पिता रामकिशन अपने खेत में काम रहे थे। वह दो अन्य मजदूरों के साथ मिलकर अपने खेत के किनारे पर खड़े पोपुलर के पेड़ों की छंटाई कर रहे थे। तभी वहां गांव का ही हरेंद्र सिंह आया और उसके पिता से गाली-गलौज करने लगा। जिसका विरोध करने पर उसने मारपीट व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। मारपीट में उनके पिता घायल हो गए है। जिस पर उनके पिता ने शोर मचाया। जिसको सुनकर कुछ लोग घटना स्थल की तरफ दौड़े। जिनको देखकर आरोपी हरेंद्र सिंह उनके पिता को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की एससीएसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जहां पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने मामले में शुक्रवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी हरेंद्र सिंह को मामले में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी द्वारा अर्थदंड अदा न करने पर उसे चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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