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30 जून तक किसानों को मुआवजा
Hapur
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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हापुड़। लुधियाना से कोलकता तक 22 हजार करोड़ रुपये की लागत से बिछने वाली रेलवे की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के प्रभावित किसानों के लिए अच्छी खबर है। पंचशीलनगर में इस परियोजना के रूट से प्रभावित किसानों को 30 जून तक मुआवजा मिल जाएगा। एडीएम (भू अर्जन) को प्रभावितों की सूची के साथ फिलहाल 10 करोड़ रुपये मिल गए हैं। शेष राशि भी जल्द ही मिल जाएगी।
मालभाड़ा ढुलाई की समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत रेलवे की इस महत्वपूर्ण परियोजना को जापान के सहयोग से 2017 तक पूरा किया जाना है। रेलवे ने इस परियोजना का सर्वे होने के बाद अनेक स्थानों पर काम भी शुरू हो गया है। इसी के साथ ईस्टर्न सेक्टर में भी इस तरह की लेकिन इससे दोगुनी लागत की एक परियोजना दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक बिछाई जानी है, जिसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इन दोनों परियोजनाओं की रेलवे लाइन 6 राज्यों, 52 जिलों तथा 2500 ग्रामों से होकर गुजरेंगी।
पंचशीलनगर जिले में इस परियोजना से प्रभावित किसानों की सूची तथा उनकी अधिग्रहित होने वाली जमीन का विवरण तैयार कर अपर जिलाधिकारी गाजियाबाद (भू अर्जन) को मुआवजे के लगभग 10 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं। शेष मुआवजा भी जल्द भेज दिया जायेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया के मेरठ प्रबंधक (इंजी) अमरनाथ अरोड़ा का दावा है कि भूअर्जन का कार्य इस क्षेत्र में 30 जून तक पूरा हो जायेगा। इससे पहले किसानों को मुआवजा राशि दे दी जाएगी। प्रशासन तय करेगा कि मुआवजा कब से मिलेगा।
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मालभाड़ा ढुलाई की समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत रेलवे की इस महत्वपूर्ण परियोजना को जापान के सहयोग से 2017 तक पूरा किया जाना है। रेलवे ने इस परियोजना का सर्वे होने के बाद अनेक स्थानों पर काम भी शुरू हो गया है। इसी के साथ ईस्टर्न सेक्टर में भी इस तरह की लेकिन इससे दोगुनी लागत की एक परियोजना दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक बिछाई जानी है, जिसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इन दोनों परियोजनाओं की रेलवे लाइन 6 राज्यों, 52 जिलों तथा 2500 ग्रामों से होकर गुजरेंगी।
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पंचशीलनगर जिले में इस परियोजना से प्रभावित किसानों की सूची तथा उनकी अधिग्रहित होने वाली जमीन का विवरण तैयार कर अपर जिलाधिकारी गाजियाबाद (भू अर्जन) को मुआवजे के लगभग 10 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं। शेष मुआवजा भी जल्द भेज दिया जायेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया के मेरठ प्रबंधक (इंजी) अमरनाथ अरोड़ा का दावा है कि भूअर्जन का कार्य इस क्षेत्र में 30 जून तक पूरा हो जायेगा। इससे पहले किसानों को मुआवजा राशि दे दी जाएगी। प्रशासन तय करेगा कि मुआवजा कब से मिलेगा।
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