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बाढ़ की सिल्ट से ठप हुए पावर जनरेसन प्लांट
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:20 AM IST
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बाढ़ की सिल्ट से पावर जनरेसन प्लांट ठप
-जिले को 180 मेगावाट के बजाय मिल रही महज 90 मेगावाट आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। बाढ़ से पावर जनरेसन प्लांटों में शिल्ट आने के कारण प्रदेश में गहराए बिजली संकट के बाद जिले में भी बिजली की अंधाधुंध कटौती हो रही है। 180 मेगावाट डिमांड पर जिले को मात्र 90 मेगावाट बिजली आपूर्ति ही मिल पा रही है। स्थिति सामान्य होने के संबंध में फिलहाल अफसरों को कोई संकेत नहीं मिल सके हैं।
बिजली निगम के अफसरों के अनुसार जिले को 180 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, लेकिन इन दिनों शहर में 7 तो देहात में 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। क्योंकि कंट्रोल से जिले को बामुश्किल 90 मेगावाट तक आपूर्ति ही मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार बाढ़ से अनेक पावर जनरेसन प्लांट सिल्ट के कारण ठप हो गए हैं। प्रदेश को 20 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता महज 14 हजार मेगावाट है। ऐसे में इन दिनों जिले में हो रही कटौती के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है।
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अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि ललितपुर, अंतरा जैसे पावर प्लांट भी प्रभावित चल रहे हैं। बाढ़ की सिल्ट के कारण यह समस्या बन रही है। इसी वजह से जिले में अघोषित कटौती हो रही है।
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-जिले को 180 मेगावाट के बजाय मिल रही महज 90 मेगावाट आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। बाढ़ से पावर जनरेसन प्लांटों में शिल्ट आने के कारण प्रदेश में गहराए बिजली संकट के बाद जिले में भी बिजली की अंधाधुंध कटौती हो रही है। 180 मेगावाट डिमांड पर जिले को मात्र 90 मेगावाट बिजली आपूर्ति ही मिल पा रही है। स्थिति सामान्य होने के संबंध में फिलहाल अफसरों को कोई संकेत नहीं मिल सके हैं।
बिजली निगम के अफसरों के अनुसार जिले को 180 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, लेकिन इन दिनों शहर में 7 तो देहात में 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। क्योंकि कंट्रोल से जिले को बामुश्किल 90 मेगावाट तक आपूर्ति ही मिल पा रही है।
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जानकारी के अनुसार बाढ़ से अनेक पावर जनरेसन प्लांट सिल्ट के कारण ठप हो गए हैं। प्रदेश को 20 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता महज 14 हजार मेगावाट है। ऐसे में इन दिनों जिले में हो रही कटौती के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है।
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अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि ललितपुर, अंतरा जैसे पावर प्लांट भी प्रभावित चल रहे हैं। बाढ़ की सिल्ट के कारण यह समस्या बन रही है। इसी वजह से जिले में अघोषित कटौती हो रही है।