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प्रवासियों की लाचारी: नमक रोटी खाएंगे पर बाहर कभी नहीं जाएंगे
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जालौन बार्डर पर आए प्रवासियों के ट्रकों को रोकती पुलिस।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर में लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र और हरियाणा से मजदूरों के पलायन का सिलसिला जारी है। भूखे प्यासे इन लाचार प्रवासियों से ट्रक वाले मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। साथ ही बीच रास्ते में छोड़कर चले जाते हैं। ऐसा ही हरियाणा से निकले पचास प्रवासियों के साथ हुआ।
जनपद की सीमा पर मजदूरों को चालक छोड़ कर चला गया। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यह मजदूर अपनी मंजिल के लिए पैदल ही चल कर शहर आए। प्रवासियों से बात करने पर उनकी आंखें भर आईं। बताया अब काम धंधे के लिए बाहर नहीं जाएंगे। भले ही अपने घर में नमक रोटी क्यों न मिले।
हरियाणा के अंबाला शहर में एक कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले बांदा निवासी राजेश कुमार, रामबली, महोबा निवासी राज, सुनील कुमार, चित्रकूट के दयाराम ने बताया पैदल ही निकले थे। रास्ते में हरियाणा में एक ट्रक चालक मिल गया। सभी लोग उसमें सवार हो गए।
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चालक ने कुछ किमी दूर चलकर रास्ते में नीचे उतारकर साढ़े सत्रह सौ रुपये प्रति सवारी के हिसाब से किराया वसूला। इससे उनकी जेबें खाली हो गईं। शुक्रवार सुबह जिले की सीमा पर उतारकर चालक चला गया। कई घंटे तक पैदल 22 किमी चलकर चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते शहर के बस स्टैंड आए। प्रवासियों ने बताया अभी मंजिल 90 किमी दूर है, जिसे पैदल ही तय करना है।
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जनपद की सीमा पर मजदूरों को चालक छोड़ कर चला गया। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच यह मजदूर अपनी मंजिल के लिए पैदल ही चल कर शहर आए। प्रवासियों से बात करने पर उनकी आंखें भर आईं। बताया अब काम धंधे के लिए बाहर नहीं जाएंगे। भले ही अपने घर में नमक रोटी क्यों न मिले।
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हरियाणा के अंबाला शहर में एक कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले बांदा निवासी राजेश कुमार, रामबली, महोबा निवासी राज, सुनील कुमार, चित्रकूट के दयाराम ने बताया पैदल ही निकले थे। रास्ते में हरियाणा में एक ट्रक चालक मिल गया। सभी लोग उसमें सवार हो गए।
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चालक ने कुछ किमी दूर चलकर रास्ते में नीचे उतारकर साढ़े सत्रह सौ रुपये प्रति सवारी के हिसाब से किराया वसूला। इससे उनकी जेबें खाली हो गईं। शुक्रवार सुबह जिले की सीमा पर उतारकर चालक चला गया। कई घंटे तक पैदल 22 किमी चलकर चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते शहर के बस स्टैंड आए। प्रवासियों ने बताया अभी मंजिल 90 किमी दूर है, जिसे पैदल ही तय करना है।