{"_id":"25c2ec08429eab9c569168f142f899f4","slug":"we-are-not-dishonest-giving-crops-were-betrayed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बेईमान नहीं हम, फसलें दे रहीं दगा’","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘बेईमान नहीं हम, फसलें दे रहीं दगा’
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 20 Apr 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फसल बर्बादी से तबाह किसानों में ट्रैक्टरों के छीनने का भी खासा मलाल है। किसानों का कहना है कि वह बेईमान नहीं है। लेकिन करें तो क्या करें जब हर साल फसलें धोखा दे रही हैं तो हम लोग बैंक की कर्ज अदायगी कहां से करें। अमर उजाला अभियान के बाद नीलामी की जानकारी हुई नहीं तो भनक भी नहीं लगती।
विज्ञापन
किसान कहते हैं बैंक और ट्रैक्टर एजेंसियों की मिलीभगत से दलालों ने सब्जबाग दिखाए थे। वह तो कहीं गए ही नहीं बल्कि दलाल ही उनके खेतों क ी खसरा-खतौनी लेकर उनके घर आए। बातों के जाल में फंसाकर उन्हें ट्रैक्टर एजेंसी तक ले गए ट्रैक्टर दिलवाकर ग्रीन कार्ड बनवाया और उसका पैसा कमीशनबाजी में हड़प लिया।
विज्ञापन
इधर उबड़-खाबड़ असिंचित जमीन पर फसलों में पैदावार नहीं हुई और उनके ट्रैक्टरों की औने-पौने दामों पर ई नीलामी कर दी गई। कहते हैं कि अगर अमर उजाला ने अभियान न चलाया होता तो इस नीलामी की उन्हें भनक भी नहीं लगती।
विज्ञापन
राठ तहसील क्षेत्र से आए बकरई के शिवरतन, रिहुंटा के रामकृपाल व गोहानी पनवाड़ी निवासी हरप्रसाद समर्थ फाउंडेशन के देवेंद्र गांधी और बांदा के आए बुंदेलखंड भविष्य परिषद के संयोजक पुष्पेंद्र रविवार को जिलाधिकारी संध्या तिवारी से मिले।
किसानों ने डीएम को इस बात पर धन्यवाद दिया कि उन्होंने उनके ट्रैक्टरों की नीलामी निरस्त करा दी। साथ ही किसानों ने बैंक से ट्रैक्टर वापस कराने की मांग की। इस मामले में जिलाधिकारी ने कहा कि वह बैंक से ट्रैक्टर वापस दिलाने की हर संभव मदद करेंगी।