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सरकार बदलते ही बदल गए कांशीराम कालोनी के हालात
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Sat, 28 Mar 2015 12:21 AM IST
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कांशीराम कालोनी के बाशिंदों की जिंदगी मजाक बन गई है। 10 दिन से नलकूप की मोटर फुंकी पड़ी है, हैंडपंप हैं नहीं। ऐसे में लोगों को दो किमी दूर से पेयजल लाना पड़ रहा है। इस समस्या के निदान की जिम्मेदारी लेने वाले विभाग कन्नी काट रहे हैं।
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नगर में सरीला-ममना मार्ग पर आवास विकास परिषद ने दो साल पूर्व मान्यवर कांशीराम शहरी आवास योजना से 240 आवास बनवाए। अभी एक वर्ष पूर्व ही इन आवासों का आवंटन होते ही गरीबों ने अपना आशियाना बनाया है। गरीब तो आवासों पर कब्जा पा चुके हैं, लेकिन इन आवासों का हस्तांतरण नगर पंचायत को नहीं हो पाया है।
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जिसका खामियाजा बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है। जलापूर्ति के लिए नलकूप व टंकी का निर्माण जलनिगम ने कराया है। लेकिन यह काम अभी भी अधूरा पड़ा है। आवंटन के समय आवास विकास ने जुगाड़ कर नलकूप में मोटर डलवाकर सीधे जलापूर्ति चालू कर दी है। टंकी का काम पूरा न होने पर दूसरी मंजिल में रहने वालों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
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इधर नलकूप की मोटर फुंके हुए दस दिनहो चुके हैं। शिकायत के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों है। कालोनी के विनोद, रतन, पार्वती, रामदेवी, गुलाब, होरीलाल, राजबहादुर, देशराज, परशुराम आदि का कहना है कि जहां भी शिकायत करते हैं वहां कोई सुन नहीं रहा है। ठेकेदार के कर्मचारी भी आवास में रहते हैं लेकिन वह सुन नहीं रहे हैं।
दो किमी दूर से पानी लाना मजबूरी है। नगर पंचायत के लिपिक राघवेंद्र यादव ने बताया कि यह कालोनी अभी नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं हुई है। अधिकारियों के निर्देश पर अभी यहां सिर्फ नगर पंचायत से सफाई कराई जाती है।
उधर, आवास विकास के अवर अभियंता आरपी गुप्ता का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार रखरखाव का जिम्मा नगर पंचायत का होता है। लेकिन हस्तांतरण के साथ काम न पूरा होने का ठीकरा जलनिगम पर फोड़ते हुए कहा कि वह कहां तक देखें।