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पुलिस के खिलाफ भड़का आक्रोश, नारेबाजी

Sun, 28 Aug 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला हमीरपुर
अमर उजाला हमीरपुर Updated Sun, 28 Aug 2016 12:29 AM IST
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Fierce indignation against police, protesting
पुलिस के खिलाफ भड़का आक्रोश, नारेबाजी - फोटो : अमर उजाला
मझगवां थाने के टोलारावत गांव निवासी अपहृत छात्र भूपेंद्र साहू का शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार न करने की बात पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों के शव का अंतिम संस्कार न करने पर पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमकर झडपें हुईं। देर रात गांव पहुंचे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को सात दिन के अंदर अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी करने के साथ सजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर ग्रामीण मानें। शनिवार की सुबह भारी पुलिस बल और एसडीएम की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
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अंतिम संस्कार के दौरान हजारों लोगों की आंखों में आंसू छलक पडे़। पुलिस की निष्क्रियता से ग्रामीणों में रोष रहा। गौरतलब है कि बीते 17 अगस्त की दोपहर बाद चित्रगुप्त इंटर कालेज में कक्षा नौ के छात्र भूपेंद्र साहू का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था। पिता ने अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की निष्क्रियता से नौवें दिन भूपेंद्र की लाश मिली। शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने पर पूरा गांव एकत्र हो गया और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों ने अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी तक शव न जलाने की बात कही।
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इसको लेकर पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमकर झडपें हुईं। देर रात जिलाधिकारी उदयवीर सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक एके सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्रा ने ग्रामीणों को समझाया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। बाद में एसपी ने एक सप्ताह के अंदर अपहरणकर्ता हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर ग्रामीण माने। अपने कलेजे के टुकडे़ भूपेंद्र की मौत की खबर सुन मां भुवानी देवी सुधबुध खो बैठी है। बेटे की मौत के गम में वह पागल सी हो गई है। जो भी उसके पास जाता है वह एक टकटकी लगाए निहारने लगती है। वहीं अचानक वह कभी कभी छाती पीट पीटकर रोने लगती है तो आसपास मौजूद महिलाएं किसी तरह से समझातीं है। वहीं पिता देवपाल का भी बुरा हाल है। अपने मासूम बेटे को मुखागिभन देते समय देवपाल के हाथ कांप उठे। ग्रामीण उसे हर तरह से समझा रहे हैं। ग्राम प्रधान भगत सिंह ने पिता को धीरज बंधाया। प्रधान ने कहा कि पूरा गांव उसके साथ है। भूपेंद्र की मौत पर नाते रिश्तेदारों का भी रोरोकर बुरा हाल था। वहीं पीड़ित के घर ढ़ांढस बंधाने वालों का सारा दिन तांता लगा रहा।
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