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मचाए उत्पात तो जाना ही होगा हवालात
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:38 AM IST
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क्राइम
- फोटो : demo
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गोरखपुर। मारपीट, गाली गलौज या दुर्व्यवहार जैसे छोटे-मोटे मामले थाने पर कार्रवाई न होने से बड़े विवाद में बदल जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब पुलिस दोनों पक्षों को थाने लाने के बाद अपराध की गंभीरता के हिसाब से कार्रवाई करेगी। ऐसे में न सिर्फ पुलिस की छवि सुधरेगी बल्कि लोगों में कानून के प्रति विश्वास जगेगा।
छोटी-छोटी बात पर उत्पात मचाने वाले अब थाने से नहीं छूट पाएंगे। पुलिस अब ऐसे लोगों का शांतिभंग में चालान कर रही है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है ताकि थाने पर सुलह-समझौता कराने में वर्दी पर दाग न लगे और दोबारा घटना होने पर पूर्व की घटना को आधार पर बनाकर कड़ी कार्रवाई की जा सके। यही वजह है कि पिछले दस दिनों में जिले में करीब 400 लोगों को पुलिस ने शांतिभंग में निरुद्ध किया है। रोजाना इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भी भेजी जाती है।
विवाद में दोनों पक्षों को थाने लाने के बाद होने वाले सुलह-समझौते में अक्सर पुलिस पर आरोप लगने लगते हैं। कोई लेनदेन का आरोप लगाता है तो कोई पुलिस के दूसरे पक्ष से मिले होने का। आला अफसरों के पास भी इसकी शिकायतें जाती हैं। ऐसी शिकायतें बढ़ने पर एसएसपी शलभ माथुर ने थाने लाने के बाद अपराध की प्रवृत्ति के हिसाब से कार्रवाई करने का आदेश दिया। खुद एसएसपी का कहना है कि जैसे छोटे-मोटे विवाद में जब थाने पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे बड़े विवाद में बदल जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मातहतों को अपराध के हिसाब से कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
छोटी-छोटी बात पर उत्पात मचाने वाले अब थाने से नहीं छूट पाएंगे। पुलिस अब ऐसे लोगों का शांतिभंग में चालान कर रही है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है ताकि थाने पर सुलह-समझौता कराने में वर्दी पर दाग न लगे और दोबारा घटना होने पर पूर्व की घटना को आधार पर बनाकर कड़ी कार्रवाई की जा सके। यही वजह है कि पिछले दस दिनों में जिले में करीब 400 लोगों को पुलिस ने शांतिभंग में निरुद्ध किया है। रोजाना इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भी भेजी जाती है।
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विवाद में दोनों पक्षों को थाने लाने के बाद होने वाले सुलह-समझौते में अक्सर पुलिस पर आरोप लगने लगते हैं। कोई लेनदेन का आरोप लगाता है तो कोई पुलिस के दूसरे पक्ष से मिले होने का। आला अफसरों के पास भी इसकी शिकायतें जाती हैं। ऐसी शिकायतें बढ़ने पर एसएसपी शलभ माथुर ने थाने लाने के बाद अपराध की प्रवृत्ति के हिसाब से कार्रवाई करने का आदेश दिया। खुद एसएसपी का कहना है कि जैसे छोटे-मोटे विवाद में जब थाने पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे बड़े विवाद में बदल जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मातहतों को अपराध के हिसाब से कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
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