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पहले रुपये के लिए तो अब ‘इमोशनल अत्याचार’
Sun, 26 May 2019 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 12:59 AM IST
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गोरखपुर। दुष्कर्म के आरोप में फंसाकर डॉ. रामशरण श्रीवास्तव को जेल भेजने की धमकी देने और रुपये ऐंठने के आरोपी पूर्व चौकी इंचार्ज और कथित पत्रकार के बचाव में अब उनके परिवार वाले आ गए हैं। पुलिस में पैरवी से काम नहीं बनने पर परिवार के लोगों ने डॉक्टर के क्लीनिक पर डेरा डाला है। प्रणव के फूफा के बाद चौकी इंचार्ज के परिवार वाले भी डॉक्टर से मिलने पहुंचे। हालांकि डॉक्टर से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
चौकी इंचार्ज रहे शिवप्रकाश सिंह और कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी ने शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर रामशरण को एक फर्जी तहरीर के लिए जरिए ब्लैकमेल किया था। आठ लाख रुपये भी ऐंठ लिए थे लेकिन मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद प्रणव ने रुपये वापस कर दिए थे। मगर, जांच में पुष्टि के बाद आईजी के आदेश पर राजघाट थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद से ही दोनों के परिवार वाले बचाव के लिए डॉक्टर का मान मनमनौव्वल कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि डॉक्टर मुकदमा वापस ले लें। डॉ. रामशरण ने बताया कि प्रणव के फूफा ने मुलाकात की थी। चौकी इंचार्ज के परिवार के लोग भी आए थे जिन्हें गार्ड ने लौटा दिया मैं उस समय क्लीनिक पर नहीं था।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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चौकी इंचार्ज रहे शिवप्रकाश सिंह और कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी ने शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर रामशरण को एक फर्जी तहरीर के लिए जरिए ब्लैकमेल किया था। आठ लाख रुपये भी ऐंठ लिए थे लेकिन मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद प्रणव ने रुपये वापस कर दिए थे। मगर, जांच में पुष्टि के बाद आईजी के आदेश पर राजघाट थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद से ही दोनों के परिवार वाले बचाव के लिए डॉक्टर का मान मनमनौव्वल कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि डॉक्टर मुकदमा वापस ले लें। डॉ. रामशरण ने बताया कि प्रणव के फूफा ने मुलाकात की थी। चौकी इंचार्ज के परिवार के लोग भी आए थे जिन्हें गार्ड ने लौटा दिया मैं उस समय क्लीनिक पर नहीं था।
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