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Gonda News: हिरासत में एससी युवक को पीटकर मारने वाले दो दरोगा व एक सिपाही निलंबित
Thu, 06 Nov 2025 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:28 PM IST
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संजय के परिजनों से मुलाकात करते सांसद प्रतिनिधि।
गोंडा। किनकी गांव निवासी एससी युवक संजय कुमार सोनकर को हिरासत में पीटकर मारने वाले रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के दरोगा सुरेंद्र कुमार, करण सिंह यादव व कांस्टेबल अमित कुमार यादव को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया है। आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट ऑफ इंक्वायरी भी शुरू हो गई है। आरपीएफ के डीआईजी चंद्रमोहन मिश्र ने बताया कि यह कार्रवाई अभी प्रथम दृष्टया आरोप पर की गई है। तीन सदस्यीय टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आरपीएफ ने मालगाड़ी से सरसों तेल चोरी के आरोप में संजय को हिरासत में लिया था। रात 11.10 बजे उसे मृत हालत में मेडिकल कॉलेज में छोड़कर भाग गए थे। बुधवार को संजय के भाई राजू सोनकर की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरपीएफ के तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पता चला कि संजय अनुसूचित जाति का है। इसलिए परिजनों से संजय का एससी प्रमाणपत्र मांगा गया है। उसके बाद हत्या के मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई जाएगी। विवेचना शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इस कारण विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।
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तीनों आरोपियों का दर्ज होगा बयान
हिरासत में संजय की हत्या मामले की आरपीएफ की तीन सदस्यीय टीम ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू कर दी है। टीम संजय के परिजनों, गांव के लोगों व आरपीएफ पोस्ट के समस्त कर्मचारियों का बयान दर्ज करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपी दरोगा व सिपाही के खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे की गहन जांच के बाद आरोप तय करेगी।
गोंडा आरपीएफ पोस्ट पर रहा सन्नाटा
गोंडा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो स्थित आरपीएफ पोस्ट पर बृहस्पतिवार को सन्नाटा रहा। सिर्फ हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मी ही नजर आए। अन्य कर्मी दफ्तर में थे, लेकिन मामले पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।
गम और गुस्से में किनकी गांव, कार्रवाई का इंतजार
मोतीगंज। आरपीएफ की हिरासत में संजय की हत्या के मामले में किनकी गांव के लोग गम और गुस्से में हैं। संजय के परिजनों का दुख बांटने के लिए बृहस्पतिवार को पूरे दिन घर पर रिश्तेदार और नेताओं का आना-जाना लगा रहा। परिजन को अब आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई का इंतजार है।
किनकी गांव निवासी संजय तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई राजू व सबसे छोटा दीपू है। तीनों भाई खेती के साथ ही मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। भाई राजू का कहना है कि आरपीएफ ने संजय की जान ले ली। उसे झूठे आरोप में फंसाया और फिर घर से उठाया। भाई तो नहीं रहा, लेकिन न्याय के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे।
विरोध देख गांव में पुलिस का पहरा
घटना के बाद विरोध को देखते हुए एहतियातन बृहस्पतिवार को गांव में पुलिस तैनात रही। क्विक रेस्पांस टीम के दरोगा हरेंद्र कुमार मिश्र के साथ थाने से एक दरोगा व एक सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर मोतीगंज अरविंद यादव ने बताया कि परिजनों की सुरक्षा में पुलिस टीम लगाई है।
विसरा रिपोर्ट पर टिकी निगाह
संजय की विसरा रिपोर्ट पर सभी की निगाह टिकी है। आरपीएफ के साथ ही कोतवाली पुलिस और कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जांच में विसरा रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है। उसी के आधार पर हत्या के मुकदमे की दिशा तय होगी। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की तीन सदस्यीय टीम भी जांच को आगे बढ़ाएगी। अभी कोतवाली पुलिस संजय के परिजनों का बयान दर्ज करेगी। इसके बाद बरुआचक के दुकानदार से भी पूछताछ होगी।
परिजनों से मिले सभी दलों के नेता
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि राजेश सिंह ने बृहस्पतिवार को किनकी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि परिजनों को न्याय दिलाया जाएगा। सरकार मामले में बेहद गंभीर है। इस दौरान गन्ना समिति सदर के चेयरमैन भरत सिंह, दीनानाथ शुक्ल, भाजपा के झंझरी पूर्वी मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, रामदास तिवारी व कृष्ण कुमार तिवारी ने शोक संवेदना व्यक्त की।
वहीं, सपा नेता सूरज सिंह, शिवसंपत सिंह ने संवेदना व्यक्त की। कहा कि आरपीएफ कर्मियों ने संजय की हत्या की है। उन्होंने परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा। आजाद समाज पार्टी कांशीराम के जिलाध्यक्ष मोहित भारती, अधिवक्ता आनंद कृष्ण सोनकर ने परिजनों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष मनोज कनौजिया ने कहा कि हिरासत में संजय की हत्या का मामला गंभीर है। मालगाड़ी के वैगन से तेल चोरी के जिस आरोप में आरपीएफ ने उसे उठाया था, उसमें वह शामिल था कि नहीं इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। संजय की इससे पहले कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। आरोपियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
अयोध्या में सरयू तट पर भाई ने दी मुखाग्नि
पोस्टमार्टम के बाद संजय कुमार सोनकर का शव बुधवार देर शाम घर लाया गया तो कोहराम मच गया। परिजन और सगे संबंधी अर्थी लेकर अयोध्या पहुंचे। सरयू नदी के तट पर भाई राजू ने मुखाग्नि दी।
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मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आरपीएफ ने मालगाड़ी से सरसों तेल चोरी के आरोप में संजय को हिरासत में लिया था। रात 11.10 बजे उसे मृत हालत में मेडिकल कॉलेज में छोड़कर भाग गए थे। बुधवार को संजय के भाई राजू सोनकर की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरपीएफ के तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
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नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पता चला कि संजय अनुसूचित जाति का है। इसलिए परिजनों से संजय का एससी प्रमाणपत्र मांगा गया है। उसके बाद हत्या के मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई जाएगी। विवेचना शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इस कारण विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।
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तीनों आरोपियों का दर्ज होगा बयान
हिरासत में संजय की हत्या मामले की आरपीएफ की तीन सदस्यीय टीम ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू कर दी है। टीम संजय के परिजनों, गांव के लोगों व आरपीएफ पोस्ट के समस्त कर्मचारियों का बयान दर्ज करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपी दरोगा व सिपाही के खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे की गहन जांच के बाद आरोप तय करेगी।
गोंडा आरपीएफ पोस्ट पर रहा सन्नाटा
गोंडा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो स्थित आरपीएफ पोस्ट पर बृहस्पतिवार को सन्नाटा रहा। सिर्फ हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मी ही नजर आए। अन्य कर्मी दफ्तर में थे, लेकिन मामले पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।
गम और गुस्से में किनकी गांव, कार्रवाई का इंतजार
मोतीगंज। आरपीएफ की हिरासत में संजय की हत्या के मामले में किनकी गांव के लोग गम और गुस्से में हैं। संजय के परिजनों का दुख बांटने के लिए बृहस्पतिवार को पूरे दिन घर पर रिश्तेदार और नेताओं का आना-जाना लगा रहा। परिजन को अब आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई का इंतजार है।
किनकी गांव निवासी संजय तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई राजू व सबसे छोटा दीपू है। तीनों भाई खेती के साथ ही मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। भाई राजू का कहना है कि आरपीएफ ने संजय की जान ले ली। उसे झूठे आरोप में फंसाया और फिर घर से उठाया। भाई तो नहीं रहा, लेकिन न्याय के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे।
विरोध देख गांव में पुलिस का पहरा
घटना के बाद विरोध को देखते हुए एहतियातन बृहस्पतिवार को गांव में पुलिस तैनात रही। क्विक रेस्पांस टीम के दरोगा हरेंद्र कुमार मिश्र के साथ थाने से एक दरोगा व एक सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर मोतीगंज अरविंद यादव ने बताया कि परिजनों की सुरक्षा में पुलिस टीम लगाई है।
विसरा रिपोर्ट पर टिकी निगाह
संजय की विसरा रिपोर्ट पर सभी की निगाह टिकी है। आरपीएफ के साथ ही कोतवाली पुलिस और कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जांच में विसरा रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण है। उसी के आधार पर हत्या के मुकदमे की दिशा तय होगी। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की तीन सदस्यीय टीम भी जांच को आगे बढ़ाएगी। अभी कोतवाली पुलिस संजय के परिजनों का बयान दर्ज करेगी। इसके बाद बरुआचक के दुकानदार से भी पूछताछ होगी।
परिजनों से मिले सभी दलों के नेता
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि राजेश सिंह ने बृहस्पतिवार को किनकी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि परिजनों को न्याय दिलाया जाएगा। सरकार मामले में बेहद गंभीर है। इस दौरान गन्ना समिति सदर के चेयरमैन भरत सिंह, दीनानाथ शुक्ल, भाजपा के झंझरी पूर्वी मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, रामदास तिवारी व कृष्ण कुमार तिवारी ने शोक संवेदना व्यक्त की।
वहीं, सपा नेता सूरज सिंह, शिवसंपत सिंह ने संवेदना व्यक्त की। कहा कि आरपीएफ कर्मियों ने संजय की हत्या की है। उन्होंने परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा। आजाद समाज पार्टी कांशीराम के जिलाध्यक्ष मोहित भारती, अधिवक्ता आनंद कृष्ण सोनकर ने परिजनों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष मनोज कनौजिया ने कहा कि हिरासत में संजय की हत्या का मामला गंभीर है। मालगाड़ी के वैगन से तेल चोरी के जिस आरोप में आरपीएफ ने उसे उठाया था, उसमें वह शामिल था कि नहीं इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। संजय की इससे पहले कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। आरोपियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
अयोध्या में सरयू तट पर भाई ने दी मुखाग्नि
पोस्टमार्टम के बाद संजय कुमार सोनकर का शव बुधवार देर शाम घर लाया गया तो कोहराम मच गया। परिजन और सगे संबंधी अर्थी लेकर अयोध्या पहुंचे। सरयू नदी के तट पर भाई राजू ने मुखाग्नि दी।