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Gonda News: कांटे का रहा मुकाबला, कम रहेगा जीत का अंतर
Fri, 05 May 2023 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 05 May 2023 12:05 AM IST
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गोंडा। मतदान के दिन मतदाताओं के तेवर से प्रत्याशियों के समीकरण बिगड़ गए। कई निकायों में नई गणित सामने आई। इससे मुकाबला कांटे का हो गया और हर सीट पर जीत-हार का अंतर कम होना तय है।
जिले की तीन नगर पालिका परिषद व सात नगर पंचायतों में दो लाख छह 62 हजार 313 मतदाता हैं। मतदाताओं ने गुरुवार को मतदान कर अपनी पसंद के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला दर्ज कर दिया। दसों निकायों में चेयरमैन पद के लिए 103 व 168 वार्ड सभासद पदों पर 865 उम्मीदवारों के लिए मतदान शाम छह बजे तक पूरा हो गया। मतदान के पहले तक जो जीत पक्की मान रहे थे, उन्हें मतदान के दौरान माहौल देखकर पसीना आ गया।
शहर में तो एक निर्दलीय उम्मीदवार को बढ़ते देख भाजपा प्रत्याशी की धड़कन तेज हो गई। यहां त्रिकोणीय संघर्ष से जीत का अनुमान लगाना मुश्किल रहा। ऐसे ही हालात बेलसर, तरबगंज, नवाबगंज, धानेपुर व कटरा बाजार में भी देखने को मिले। इन सीटों पर भी मुकाबला तगड़ा रहा। करनैलगंज, खरगुपूर व परसपुर में भी कांटे की टक्कर से मतदाता बंटे दिखे। मनकापुर में भाजपा की राह बनती तो दिखी मगर सपा भी किसी से कम नहीं है, इससे फैसले की चिंता भी देखने को मिली। फिलहाल हर सीट पर संघर्ष ऐसा है कि इस बार जीत-हार का अंतर ज्यादा नहीं रहेगा।
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मतदान में चार निकायों में मुस्लिम मतदाताओं का रुझान एकतरफा होते भी दिखा। यह अलग बात रही कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले निर्दलीय दावेदार थोड़ा बिखराव करते दिखे, लेकिन वह ज्यादा प्रभाव करते नहीं दिखा है। इसमें करनैलगंज, गोंडा नगर पालिका, कटरा बाजार व खरगूपुर नगर पंचायत शामिल रहा, जहां मुस्लिम मतदाताओं ने लक्ष्य तय करके मतदान किया है। यह लग बात है कि बोलने से कतराते रहे। इसके अलावा मनकापुर, धानेपुर, नवाबगंज, परसपुर, बेलसर, तरबगंज में मुस्लिम मतों में बिखराव हुआ है।
अन्य चुनावों की तरह इस बार किसी पार्टी की लहर जैसी स्थिति नहीं रही। स्थानीय मुद्दों को लेकर नेताओं के साथ ही मतदाता बंटे नजर आए। यह जरूर रहा कि मोहल्ले या गांव की पार्टी बंदी भी मतदान प्रभावित करती दिखी। विरोधी व्यक्ति जिस तरफ रहा, वहां उसके विपक्षी नहीं गए। इससे मतदान में वोटर पूरे मूड में रहा और अपने पसंदीदा प्रत्याशी को ही मतदान किया। इससे कई परिणाम चौंकाने वाले आने की उम्मीद है।
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जिले की तीन नगर पालिका परिषद व सात नगर पंचायतों में दो लाख छह 62 हजार 313 मतदाता हैं। मतदाताओं ने गुरुवार को मतदान कर अपनी पसंद के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला दर्ज कर दिया। दसों निकायों में चेयरमैन पद के लिए 103 व 168 वार्ड सभासद पदों पर 865 उम्मीदवारों के लिए मतदान शाम छह बजे तक पूरा हो गया। मतदान के पहले तक जो जीत पक्की मान रहे थे, उन्हें मतदान के दौरान माहौल देखकर पसीना आ गया।
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शहर में तो एक निर्दलीय उम्मीदवार को बढ़ते देख भाजपा प्रत्याशी की धड़कन तेज हो गई। यहां त्रिकोणीय संघर्ष से जीत का अनुमान लगाना मुश्किल रहा। ऐसे ही हालात बेलसर, तरबगंज, नवाबगंज, धानेपुर व कटरा बाजार में भी देखने को मिले। इन सीटों पर भी मुकाबला तगड़ा रहा। करनैलगंज, खरगुपूर व परसपुर में भी कांटे की टक्कर से मतदाता बंटे दिखे। मनकापुर में भाजपा की राह बनती तो दिखी मगर सपा भी किसी से कम नहीं है, इससे फैसले की चिंता भी देखने को मिली। फिलहाल हर सीट पर संघर्ष ऐसा है कि इस बार जीत-हार का अंतर ज्यादा नहीं रहेगा।
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मतदान में चार निकायों में मुस्लिम मतदाताओं का रुझान एकतरफा होते भी दिखा। यह अलग बात रही कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले निर्दलीय दावेदार थोड़ा बिखराव करते दिखे, लेकिन वह ज्यादा प्रभाव करते नहीं दिखा है। इसमें करनैलगंज, गोंडा नगर पालिका, कटरा बाजार व खरगूपुर नगर पंचायत शामिल रहा, जहां मुस्लिम मतदाताओं ने लक्ष्य तय करके मतदान किया है। यह लग बात है कि बोलने से कतराते रहे। इसके अलावा मनकापुर, धानेपुर, नवाबगंज, परसपुर, बेलसर, तरबगंज में मुस्लिम मतों में बिखराव हुआ है।
अन्य चुनावों की तरह इस बार किसी पार्टी की लहर जैसी स्थिति नहीं रही। स्थानीय मुद्दों को लेकर नेताओं के साथ ही मतदाता बंटे नजर आए। यह जरूर रहा कि मोहल्ले या गांव की पार्टी बंदी भी मतदान प्रभावित करती दिखी। विरोधी व्यक्ति जिस तरफ रहा, वहां उसके विपक्षी नहीं गए। इससे मतदान में वोटर पूरे मूड में रहा और अपने पसंदीदा प्रत्याशी को ही मतदान किया। इससे कई परिणाम चौंकाने वाले आने की उम्मीद है।