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Gonda News: पटरी पर नहीं लौटी मेडिकल कॉलेज की बिजली व्यवस्था
Wed, 01 Jul 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:58 PM IST
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गोंडा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वायरिंग और वीसीबी पैनल में आई तकनीकी खराबी के कारण लगातार तीसरे दिन भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। पूरे परिसर में जनरेटर के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस बीच मंगलवार रात बिजली-पानी की समस्या को लेकर छात्रों के हंगामे के बाद मामला उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंच गया। उन्होंने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव को तत्काल समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।
बुधवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन, पावर कॉरपोरेशन और संबंधित निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को कलेक्ट्रेट में तलब किया। बैठक में डीएम ने एक-एक अधिकारी से बिजली संकट के कारणों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्या का तत्काल स्थायी समाधान कराया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. बीना सिंह की अध्यक्षता में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, बिजली विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तकनीकी खराबी को जल्द दूर करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद दिनभर तकनीकी टीम इंटरनल वायरिंग और विद्युत पैनल की मरम्मत में जुटी रही।
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छात्रों ने किया था प्रदर्शन
- इंटरनल वायरिंग और वीसीडी पैनल में आई खराबी के कारण मेडिकल कॉलेज की मुख्य बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे छात्रावास, अस्पताल और अन्य भवनों में बिजली और पानी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। बिजली न रहने से पानी की आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार रात छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और जनरेटर के माध्यम से आपूर्ति बहाल कराई गई।
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बुधवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन, पावर कॉरपोरेशन और संबंधित निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को कलेक्ट्रेट में तलब किया। बैठक में डीएम ने एक-एक अधिकारी से बिजली संकट के कारणों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्या का तत्काल स्थायी समाधान कराया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार को मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. बीना सिंह की अध्यक्षता में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, बिजली विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तकनीकी खराबी को जल्द दूर करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद दिनभर तकनीकी टीम इंटरनल वायरिंग और विद्युत पैनल की मरम्मत में जुटी रही।
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छात्रों ने किया था प्रदर्शन
- इंटरनल वायरिंग और वीसीडी पैनल में आई खराबी के कारण मेडिकल कॉलेज की मुख्य बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे छात्रावास, अस्पताल और अन्य भवनों में बिजली और पानी की व्यवस्था प्रभावित हो गई। बिजली न रहने से पानी की आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार रात छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और जनरेटर के माध्यम से आपूर्ति बहाल कराई गई।