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Gonda News: 13 से 15 साल में ही जर्जर हो गए स्कूल भवन

Thu, 17 Sep 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 17 Sep 2026 12:12 AM IST
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School buildings became dilapidated within just 13 to 15 years
जर्जर प्राथमिक विद्यालय हरदीटांड़। - संवाद
गोंडा। कागजों में 70 साल की उम्र वाले स्कूल भवन 13 से 15 साल में ही जर्जर हो गए। ऐसे 384 भवनों की अब नीलामी कराकर ध्वस्तीकरण की तैयारी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने तीसरे चरण में चिह्नित 731 जर्जर विद्यालय भवनों के सत्यापन और मूल्यांकन के बाद 384 भवन नीलामी के लिए तय किए हैं।
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बीएसए अमित कुमार सिंह के मुताबिक, भवनों की नीलामी निर्धारित लागत के आधार पर कराई जाएगी। विकासखंड स्तर पर नीलामी समितियां गठित की गई हैं। समिति में खंड शिक्षा अधिकारी अध्यक्ष, जबकि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत सदस्य होंगे। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में संबंधित नगर निकाय के अधिकारी भी समिति में शामिल होंगे। नीलामी के बाद भवन ध्वस्त कराकर एक सप्ताह में रिपोर्ट बीएसए कार्यालय को भेजनी होगी।
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विभाग के मुताबिक, रुपईडीह के महादेवा कला कंपोजिट विद्यालय का मूल भवन 2007 में बना था। 2009 में अतिरिक्त कक्षा कक्ष और किचन-कम-स्टोर, 2011 में अतिरिक्त कक्षा कक्ष और 2019 में बालिका शौचालय का निर्माण हुआ। ये भवन अब जर्जर हो चुके हैं। दस्तावेजों में भवन की उम्र करीब 70 वर्ष दर्ज होने के बावजूद इतनी कम अवधि में जर्जर होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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बेलसर के पकवान गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय डरौली डीह पंडित का मूल भवन वर्ष 2011-12 में बना था। करीब 13 साल में ही इसे जर्जर घोषित कर दिया गया। इसी ब्लॉक के डिक्सिर प्राथमिक विद्यालय उमरी पूरे चौहान में 2011 में बने दो अतिरिक्त कक्ष भी जर्जर हो चुके हैं।

तय होनी चाहिए जिम्मेदारी

इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर कोई भवन 15 साल से कम अवधि में जर्जर हो रहा है तो यह गंभीर विषय है। ऐसे मामलों को बीएसए व बीईओ को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-राम सागर पति त्रिपाठी, सहायक निदेशक, देवीपाटन मंडल
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