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आजादी के 74 वर्ष बाद भी नहीं दूर हुआ अंधेरा

Mon, 31 Aug 2020 09:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 09:27 PM IST
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Even after 74 years of independence, darkness did not go away
गोंडा के कटरा बाजार के चरेरा ग्राम पंचायत के एक मजरे में तीन साल से टूटा पड़ा खंभा व ट्रांसफारमर। - फोटो : GONDA
कटरा बाजार (गोंडा)। बिजली के उजाले से रोशन हुआ मेरा गांव... गीत गांव के लोग गुनगुना भी नहीं पाए थे कि अंधेरे मे रहने को बेबस हैं हम... गीत जुबां पर आ गया। ये हाल है कटरा बाजार के चरेरा पंचायत के तीन गांवों का। आजादी के 71 साल बाद वर्ष 2017 में यहां विद्युतीकरण हुआ और गांव में पोल व खंभे से पहले मीटर व कनेक्शन का काम हो गया। फिर खंभे व पोल भी लग गए, गांव के लोगों में खुशी का ठिकाना न रहा। पर ये खुशी ज्यादा देर तीनों गांव में नहीं टिक सकी। आंधी आई और खंभे व पोल टूटकर गिर गए। आज भी खंभे व पोल टूटे पड़े हैं। आजादी के 74वां साल बीतने को है लेकिन बिजली विभाग को फुर्सत नहीं मिली। तीन साल से गांव के लोग विभाग में दौड़कर थक चुके हैं।
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विकासखंड कटरा बाजार की ग्राम पंचायत चरेरा के मजरे मुराइन पुरवा, चमारन पुरवा व नटन पुरवा निवासी हरीराम, राम नरायन, मनीराम, परागे, धनीराम व मुन्ना यादव ने बताया कि उनके गांव में करीब तीन वर्ष पूर्व विद्युतीकरण हुआ था। घर-घर मीटर भी लगा दिया गया। विद्युतीकरण होने से गांव के लोगों को आशा हुआ कि वह लोग भी अब उजाले में रहेंगे। ग्रामवासी अजय ने बताया कि तीन मजरे मुराइन पुरवा, चमारन पुरवा व नटन पुरवा में विद्युत आपूर्ति के लिए गांव के बाहर खेत में ट्रांसफार्मर लगाया गया था। बताया जा रहा है कि विद्युत सप्लाई शुरू होते ही आंधी आने पर पोल टूटकर जमीन पर गिर गया। गांव वासियों के यहां एक भी दिन बल्ब नहीं जल पाया। तभी से ग्रामवासी ट्रांसफार्मर सही कराने के लिए विभाग व कंपनी के ठेकेदार से गुहार लगाते-लगाते थक गये। ग्रामवासियों ने बताया कि गांव के चारों तरफ पानी भरा होने के कारण रात के अंधेरे में जहरीले जंतु के काटने का भय बना रहता है। वहीं उजाला न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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बिना बिजली के ही बिल के बोझ से दबे हैं ग्रामीण
एक तो तीन साल से बिजली नहीं मिल रही है, उल्टे बिल भी आ रहा है। गांव के अजय का कहना है कि जिस साल बिजली लगी थी, उसी समय आंधी पानी में लाइन ध्वस्त हो गई। अब बिजली का बिल भी आ रहा है। बताया कि मीटर व कनेक्शन होने से बिल आना शुरू हो गया। कई बार विभाग में गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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नहीं हो रही सुनवाई
गांव की पुष्पा, गंगाजली, राम नरायन, कुसुम, रामवती, कलावती सहित अन्य उपभोक्ताओं ने मीटर दिखाते हुए कहा कि जब विद्युतीकरण हुआ था तब कनेक्शन दिया गया था। मीटर भी लगा दिया गया। जिस साल बिजली मिली, उसी साल आंधी आई और ट्रांसफार्मर सहित खंभा टूटकर गिर गया। इसके अलावा चार और खंभे गिर गए। इन खंभों को आज तक न उठाया गया न ही दूसरा खंभा लगाया गया। लिहाजा जिस साल मिली सौगात उसी साल से बिजली नदारद है। लेकिन बिल बराबर आ रहा है। कई बार शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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