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Gonda News: 18 साल के युवक को दे दी बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट
Thu, 24 Oct 2024 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:27 PM IST
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गोंडा। शहर के होप स्कैनिंग सेंटर की ओर से 18 साल के युवक को 62 साल के बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट दे दी गई। इसी गलत रिपोर्ट के आधार पर युवक का महीने भर उपचार चला, जिससे न सिर्फ उसके पेट में संक्रमण हो गया बल्कि इलाज में 15 लाख रुपये खर्च हो गए। अदालत के आदेश पर नगर कोतवाली में डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक व रेडियोलॉजिस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
खरगूपुर थाना क्षेत्र के कहला तेंदुआ निवासी महेश मिश्र ने अदालत के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके बेटे शक्ति (18) को विगत नौ फरवरी को पेट में असहनीय दर्द हुआ। जिसे शहर के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर के परामर्श पर 12 फरवरी को स्टेशन रोड स्थित होप स्कैनिंग सेंटर से एमआर सीपी जांच कराई। उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने बताया कि शक्ति की अग्न्याशय की नली टूट गई है। लंबे समय तक उपचार चलेगा। चार दिन तक राहत न मिलने पर बहराइच के निजी हॉस्पिटल में दिखाया गया, लेकिन फिर भी कोई आराम नहीं मिला।
परिजनों ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित निजी हॉस्पिटल में भी शक्ति का उपचार कराया। मगर दिनोंदिन उसकी हालत बिगड़ती गई। करीब एक महीने के उपचार के बावजूद कोई आराम नहीं हुआ, बल्कि संक्रमण बढ़ता गया। 15 मार्च 2024 को एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. रजनीश सिंह को ओपीडी में दिखाकर पुरानी रिपोर्ट दिखाई। एमआर सीपी रिपोर्ट देखकर डॉक्टर हैरत में पड़ गए। एमआर सीपी की फिल्म में राममिलन गोस्वामी (62) लिखा था। इसी फिल्म को देखकर शक्ति की जांच रिपोर्ट प्रिंट कर दी गई। जांच रिपोर्ट में मरीज का नाम शक्ति मिश्र (18) लिखा है। डॉक्टर ने फिर से जांच कराई तो शक्ति के पेट में सामान्य संक्रमण निकला। उन्होंने कहा कि ये इंफेक्शन गलत उपचार के कारण हुआ है। एक महीने तक उपचार के दौरान करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया जा रहा है।
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पीड़ित महेश मिश्र ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन जांच सेंटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत के आदेश पर बुधवार को नगर कोतवाली में होप स्कैनिंग सेंटर के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. टीएस भोसले व सेंटर के प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि अदालत के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान बयान लेने की प्रक्रिया प्रचलित है। अन्य विधिक कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
वहीं, सही जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित शक्ति का उपचार किया गया। इससे करीब 10 दिन बाद से ही उसकी सेहत में सुधार होने लगा। अब वह बिल्कुल स्वस्थ है। पिता महेश मिश्र ने बताया कि सामान्य बीमारी में गलत जांच रिपोर्ट मिलने के कारण लाखों रुपये खर्च हुए और बेटे की जान जाते-जाते बची।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि गलत जांच रिपोर्ट देना बड़ी लापरवाही है। पीड़ित की ओर से शिकायत मिलने पर संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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खरगूपुर थाना क्षेत्र के कहला तेंदुआ निवासी महेश मिश्र ने अदालत के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके बेटे शक्ति (18) को विगत नौ फरवरी को पेट में असहनीय दर्द हुआ। जिसे शहर के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर के परामर्श पर 12 फरवरी को स्टेशन रोड स्थित होप स्कैनिंग सेंटर से एमआर सीपी जांच कराई। उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने बताया कि शक्ति की अग्न्याशय की नली टूट गई है। लंबे समय तक उपचार चलेगा। चार दिन तक राहत न मिलने पर बहराइच के निजी हॉस्पिटल में दिखाया गया, लेकिन फिर भी कोई आराम नहीं मिला।
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परिजनों ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित निजी हॉस्पिटल में भी शक्ति का उपचार कराया। मगर दिनोंदिन उसकी हालत बिगड़ती गई। करीब एक महीने के उपचार के बावजूद कोई आराम नहीं हुआ, बल्कि संक्रमण बढ़ता गया। 15 मार्च 2024 को एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. रजनीश सिंह को ओपीडी में दिखाकर पुरानी रिपोर्ट दिखाई। एमआर सीपी रिपोर्ट देखकर डॉक्टर हैरत में पड़ गए। एमआर सीपी की फिल्म में राममिलन गोस्वामी (62) लिखा था। इसी फिल्म को देखकर शक्ति की जांच रिपोर्ट प्रिंट कर दी गई। जांच रिपोर्ट में मरीज का नाम शक्ति मिश्र (18) लिखा है। डॉक्टर ने फिर से जांच कराई तो शक्ति के पेट में सामान्य संक्रमण निकला। उन्होंने कहा कि ये इंफेक्शन गलत उपचार के कारण हुआ है। एक महीने तक उपचार के दौरान करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया जा रहा है।
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पीड़ित महेश मिश्र ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन जांच सेंटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत के आदेश पर बुधवार को नगर कोतवाली में होप स्कैनिंग सेंटर के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. टीएस भोसले व सेंटर के प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि अदालत के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान बयान लेने की प्रक्रिया प्रचलित है। अन्य विधिक कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
वहीं, सही जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित शक्ति का उपचार किया गया। इससे करीब 10 दिन बाद से ही उसकी सेहत में सुधार होने लगा। अब वह बिल्कुल स्वस्थ है। पिता महेश मिश्र ने बताया कि सामान्य बीमारी में गलत जांच रिपोर्ट मिलने के कारण लाखों रुपये खर्च हुए और बेटे की जान जाते-जाते बची।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि गलत जांच रिपोर्ट देना बड़ी लापरवाही है। पीड़ित की ओर से शिकायत मिलने पर संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।