{"_id":"5dc1b8178ebc3e5afc2f024f","slug":"devotees-revolve-around-panchkosi-of-lord-ghanshyam-gonda-news-lko490623257","type":"story","status":"publish","title_hn":"भक्तों ने की भगवान घनश्याम की पंचकोसी परिक्रमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भक्तों ने की भगवान घनश्याम की पंचकोसी परिक्रमा
विज्ञापन
गोंडा के छपिया मंदिर में चल रहे पंच परायण कथा मे घनश्याम महराज का दूध से अभिषेक करते संत।
- फोटो : GONDA
मसकनवां (गोंडा)। स्वामी नारायण छपिया मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय लीला अमृत सागर पंच परायण कथा महोत्सव में मंगलवार को पंचकोसी परिक्रमा, महाअभिषेक, छप्पन भोग आदि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत स्वामी वासुदेवानंद व स्वामी हरि स्वरूपानंद ने विधिवत पूजन कराया। इस दौरान स्वामी नारायण की धुन से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
भगवान घनश्याम महराज की जन्म स्थली से मंगलवार सुबह नौ बजकर तीस मिनट पर पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ हुई। परिक्रमा स्वामी नारायण मंदिर से टैरवा, नेवादा, सुरवार, दीननगर, कुसुम्ही, मसकनवां, तेंदुआ रानीपुर होते हुए वापस छपिया के नारायण सरोवर पहुंचकर सम्पन्न हुई। परिक्रमा में बड़ी संख्या में हरि भक्त शामिल हुए।
वहीं मंदिर में चल रहे कथा महोत्सव में अंतिम दिन सुबह गुजरात से आए भक्तों ने भगवान घनश्याम महराज का पूजन व महाआरती की। इस अवसर पर पीपी स्वामी, स्वामी उत्तम चरण दास, केपी स्वामी, देव जी भाई, अंबालाल, चिराग भाई, तुलसी, दर्शन, बिरजी भाई, माधव तिवारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भगवान घनश्याम महराज की जन्म स्थली से मंगलवार सुबह नौ बजकर तीस मिनट पर पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ हुई। परिक्रमा स्वामी नारायण मंदिर से टैरवा, नेवादा, सुरवार, दीननगर, कुसुम्ही, मसकनवां, तेंदुआ रानीपुर होते हुए वापस छपिया के नारायण सरोवर पहुंचकर सम्पन्न हुई। परिक्रमा में बड़ी संख्या में हरि भक्त शामिल हुए।
विज्ञापन
वहीं मंदिर में चल रहे कथा महोत्सव में अंतिम दिन सुबह गुजरात से आए भक्तों ने भगवान घनश्याम महराज का पूजन व महाआरती की। इस अवसर पर पीपी स्वामी, स्वामी उत्तम चरण दास, केपी स्वामी, देव जी भाई, अंबालाल, चिराग भाई, तुलसी, दर्शन, बिरजी भाई, माधव तिवारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन