{"_id":"5e5402928ebc3ef40f50b822","slug":"demand-for-2-acres-of-land-for-fitness-testing-center-gonda-news-lko510376176","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के लिए 2 एकड़ भूमि की डिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के लिए 2 एकड़ भूमि की डिमांड
विज्ञापन
गोंडा। अधिकांश सड़क हादसे वाहनों की फिटनेस ठीक न होने की वजह से होते हैं। जिसके हर साल हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इसके साथ ही वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में भी काफी मनमानी की जाती है।
इसमें सुधार लाने के लिए वाहनों की फिटनेस के लिए अब आटोमेटेड फिटनेस इंस्पेक्शन सेंटर स्थापित करने का प्लान बनाया गया है। इसकी स्थापना में विश्व बैंक की ओर से भी ऋण की व्यवस्था की जायेगी। फिटनेस सेंटर को स्थापित करने के लिए कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। जिसमें लगभग 2 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
विश्व बैंक के ऋण से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेंट परियोजना के रोड सेफ्टी घटक के तहत वाहन फिटनेस टेस्टिंग के लिए फिटनेस इंस्पेक्शन सेंटर की स्थापना की जानी है। बता दें कि लखनऊ, कानपुर नगर और आगरा में इसकी स्थापन की जा चुकी है।
विज्ञापन
अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल की ओर से जारी पत्र में इसके लिए भूमि तलाश करने के लिए निर्देश दिये गये हैं। भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मांगी गई है। आरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एआरटीओ प्रवर्तन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
इसमें सुधार लाने के लिए वाहनों की फिटनेस के लिए अब आटोमेटेड फिटनेस इंस्पेक्शन सेंटर स्थापित करने का प्लान बनाया गया है। इसकी स्थापना में विश्व बैंक की ओर से भी ऋण की व्यवस्था की जायेगी। फिटनेस सेंटर को स्थापित करने के लिए कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। जिसमें लगभग 2 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
विज्ञापन
विश्व बैंक के ऋण से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेंट परियोजना के रोड सेफ्टी घटक के तहत वाहन फिटनेस टेस्टिंग के लिए फिटनेस इंस्पेक्शन सेंटर की स्थापना की जानी है। बता दें कि लखनऊ, कानपुर नगर और आगरा में इसकी स्थापन की जा चुकी है।
विज्ञापन
अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल की ओर से जारी पत्र में इसके लिए भूमि तलाश करने के लिए निर्देश दिये गये हैं। भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मांगी गई है। आरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एआरटीओ प्रवर्तन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।