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Gonda News: फूल व मसालों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
Thu, 12 Feb 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:59 PM IST
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मनकापुर। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में बृहस्पतिवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने औद्यानिक फसलों, फूलों व मसालों की खेती को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।
वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ यदि किसान बागवानी फसलों, शाकभाजी, फूलों एवं मसालों की वैज्ञानिक ढंग से खेती करें तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर जोर दिया। डॉ. रामलखन सिंह ने रबी फसलों में समसामयिक कार्य, फसल अवशेष प्रबंधन, नैनो उर्वरकों के प्रयोग तथा प्राकृतिक व जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की अपील की।
डॉ. डीके श्रीवास्तव ने डेयरी फार्मिंग, कुक्कुट पालन और पशुओं के नियमित टीकाकरण की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि के साथ पशुपालन अपनाने से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होते हैं।
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डॉ. मनोज कुमार सिंह ने केला एवं टमाटर की वैज्ञानिक खेती की तकनीकों पर चर्चा की। डॉ. दिनेश कुमार पांडेय ने मृदा परीक्षण, हरी खाद की खेती तथा फल एवं सब्जी पौध उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। कार्यक्रम में वीबी सिंह, नित्यानंद शुक्ल, हीरा, बलदेव, बालमुकुंद आदि किसान मौजूद रहे।
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वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ यदि किसान बागवानी फसलों, शाकभाजी, फूलों एवं मसालों की वैज्ञानिक ढंग से खेती करें तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर जोर दिया। डॉ. रामलखन सिंह ने रबी फसलों में समसामयिक कार्य, फसल अवशेष प्रबंधन, नैनो उर्वरकों के प्रयोग तथा प्राकृतिक व जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की अपील की।
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डॉ. डीके श्रीवास्तव ने डेयरी फार्मिंग, कुक्कुट पालन और पशुओं के नियमित टीकाकरण की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि के साथ पशुपालन अपनाने से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होते हैं।
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डॉ. मनोज कुमार सिंह ने केला एवं टमाटर की वैज्ञानिक खेती की तकनीकों पर चर्चा की। डॉ. दिनेश कुमार पांडेय ने मृदा परीक्षण, हरी खाद की खेती तथा फल एवं सब्जी पौध उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। कार्यक्रम में वीबी सिंह, नित्यानंद शुक्ल, हीरा, बलदेव, बालमुकुंद आदि किसान मौजूद रहे।