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विद्युतीकरण के सामग्री चोरी मामले में एक्सईन व जेई को एसटीएफ ने उठाया
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गोंडा। हर घर को बिजली देने के लिए हो रहे विद्युतीकरण योजना की सामग्री को चोरों के हाथों बेचे जाने के मामले में एसटीएफ ने गुरुवार की रात जिले में छापेमारी की। मामले में करनैलगंज के पावर कॉर्पोरेशन के एक्सईन नीरज वर्मा व जेई रंजीत को एसटीएफ ने हिरासत में ले लिया है। दोनों बिजली अधिकारियों को उनके दफ्तर से ही उठाया गया है।
मामला बीते साल जून का है, कानपुर के पनकी समेत तीन स्थानों के स्टोर से सामग्री चोरी की मामला उजागर हुआ था। मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर एसटीएफ जांच कर रही थी। तीनों स्टोर के मिलान से करोड़ों के सामान चोरी होने की बात सामने आई थी। अक्टूबर 2018 में पावर कॉर्पोरेशन ने इस मामले में कार्रवाई भी की थी। इसके बाद एसटीएफ की जांच में गोंडा के कुछ अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आई।
शुक्रवार को पावर कारपोरेशन में एसटीएफ की कार्यवाही से खलबली मची रही। एसटीएफ ने गुरुवार की देरशाम बिजली सामग्री के चोरी मामले में करनैलगंज के एक्सईन नीरज वर्मा व जेई रंजीत को उनके दफ्तर से उठाया और पूछताछ के लिए लखनऊ लेकर चली गई। देर रात तक इसकी जानकारी बिजली विभाग को हुई तो खलबली मच गई। पता चला कि बीते साल कानपुर के पनकी, नौबस्ता व दिल्ली के दिलशाद गार्डेन, अल्लीपुर स्थित निजी गोदामों को खुलवाकर एसटीएफ ने जांच किया था।
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जांच में पता चला की गोदाम प्रदेश के बिजली विभाग का है और इसमें गोंडा समेत कई जिले की बिजली सामग्री है। यहां से ही सामग्री जिलों को जाती थी और अधिकारियों की मिलीभगत से सामग्री बिजली सामग्री के चोरों को बेंच दिया जाता है। जिले में विद्युतीकरण योजना से सामग्री की डिमांड व निकासी का काम विभाग के अधिकारी करते हैं, इसमें एक्सईन करनैलगंज और जेई का नाम सामने आने पर एसटीएफ ने कार्रवाई की है।
विभाग की मानें तो बिजली सामग्री को पहले आवश्यकता दिखाकर निकाला जाता था फिर या तो किसी के हाथों बेंच दिया जाता था, या फिर उसी सामग्री को फिर से विभाग के स्टोर में भेजा जाता था। इस तरह विद्युतीकरण के सामग्री की चोरी का खेल हो रहा था। इस मामले में जेई रंजीत के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई हुई थी। जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। अब वह भी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है।
एक्सईन व जेई को एसटीएफ ने उठाया है। इसकी सूचना मिली है और विभाग के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बिजली सामग्री के मामले में कोई कार्रवाई पहले हुई थी। एसटीएफ की ओर से विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई है। -राम स्वरूप, अधीक्षण अभियंता गोंडा
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मामला बीते साल जून का है, कानपुर के पनकी समेत तीन स्थानों के स्टोर से सामग्री चोरी की मामला उजागर हुआ था। मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर एसटीएफ जांच कर रही थी। तीनों स्टोर के मिलान से करोड़ों के सामान चोरी होने की बात सामने आई थी। अक्टूबर 2018 में पावर कॉर्पोरेशन ने इस मामले में कार्रवाई भी की थी। इसके बाद एसटीएफ की जांच में गोंडा के कुछ अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आई।
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शुक्रवार को पावर कारपोरेशन में एसटीएफ की कार्यवाही से खलबली मची रही। एसटीएफ ने गुरुवार की देरशाम बिजली सामग्री के चोरी मामले में करनैलगंज के एक्सईन नीरज वर्मा व जेई रंजीत को उनके दफ्तर से उठाया और पूछताछ के लिए लखनऊ लेकर चली गई। देर रात तक इसकी जानकारी बिजली विभाग को हुई तो खलबली मच गई। पता चला कि बीते साल कानपुर के पनकी, नौबस्ता व दिल्ली के दिलशाद गार्डेन, अल्लीपुर स्थित निजी गोदामों को खुलवाकर एसटीएफ ने जांच किया था।
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जांच में पता चला की गोदाम प्रदेश के बिजली विभाग का है और इसमें गोंडा समेत कई जिले की बिजली सामग्री है। यहां से ही सामग्री जिलों को जाती थी और अधिकारियों की मिलीभगत से सामग्री बिजली सामग्री के चोरों को बेंच दिया जाता है। जिले में विद्युतीकरण योजना से सामग्री की डिमांड व निकासी का काम विभाग के अधिकारी करते हैं, इसमें एक्सईन करनैलगंज और जेई का नाम सामने आने पर एसटीएफ ने कार्रवाई की है।
विभाग की मानें तो बिजली सामग्री को पहले आवश्यकता दिखाकर निकाला जाता था फिर या तो किसी के हाथों बेंच दिया जाता था, या फिर उसी सामग्री को फिर से विभाग के स्टोर में भेजा जाता था। इस तरह विद्युतीकरण के सामग्री की चोरी का खेल हो रहा था। इस मामले में जेई रंजीत के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई हुई थी। जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। अब वह भी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है।
एक्सईन व जेई को एसटीएफ ने उठाया है। इसकी सूचना मिली है और विभाग के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बिजली सामग्री के मामले में कोई कार्रवाई पहले हुई थी। एसटीएफ की ओर से विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई है। -राम स्वरूप, अधीक्षण अभियंता गोंडा