फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Blood Bank became rich due to foundations

संस्थाओं की बदौलत समृद्ध हो गया ब्लड बैंक

Wed, 30 Sep 2015 11:44 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 30 Sep 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
हालांकि एक अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस है लेकिन अभी तक किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
विज्ञापन

जिले में एक मात्र ब्लड बैंक है।

जिला अस्पताल के इस ब्लड बैंक में हमेशा खून का अकाल रहता था। अधिकांश मरीज व तीमार दार अपने घर का रक्त देकर बदले में खून लेने को तैयार नहीं होते हैं। लेकिन कुछ संस्थाओं ने हर मरीज की जिंदगी बचाने की कोशिश की है। इसमें सबसे अधिक रक्तदान करने वाली संस्था सावन कृपाल रुहानी मिशन है।

इसके अलावा साल में एक बार सत्य साईं संगठन, रोटरी क्लब, एचडीएफसी बैंक, शास्त्री महाविद्यालय के एनसीसी व एनएसएस के सदस्य रक्तदान करते हैं। साल में एक बार विश्व हिंदू परिषद व बजरंगदल के कार्यकर्ता भी रक्तदान करते हैं।
विज्ञापन


23 बार लगवाया रक्तदान शिविर
सावन कृपाल रुहानी मिशन वैसे तो पूरे देश में रक्तदान करता है। लेकिन गोंडा में इस संस्था से जुड़े लोग कर चार माह पर रक्तदान शिविर लगाकर रक्तदान करते हैं। वर्ष 2009 से शुरू हुए रक्तदान की शृंखला बढ़ती जा रही है। संस्था के मीडिया प्रभारी मनोहर बलेचा ने बताया कि अभी जल्दी ही 23वां रक्तदान शिविर लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब तक विभिन्न ग्रुप के 1000 यूनिट से अधिक रक्तदान किया जा चुका है। यह क्रम साल में तीन बार होता है। चार माह का अंतराल इसलिए रखा जाता है कि लोगों में तीन माह रक्त की पूर्ति में लग जाते हैं।

साईं की कृपा से होता है सब कार्य
गोंडा। सत्यसाईं संगठन के डॉ. श्रवण श्रीवास्तव ने बताया कि साल में भगवान सत्यसाईं के जन्म दिवस पर जिला अस्पताल में विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाता है। यह प्रक्रिया कई वर्षों से चली आ रही है।

साल में एक बार रक्तदान किया जाता है। लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. ओंकार पाठक ने बताया कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं हर साल रक्तदान करते हैं। इसके लिए बाकायदा शिविर लगाया जाता है।

इसमें एनसीसी व एनएसएस के विद्यार्थी शामिल होते हैं। रोटरी क्लब के डॉ. आलोक अग्रवाल ने बताया कि हर साल क्लब के सदस्य रक्तदान करते हैं। डॉ. आलोक अग्रवाल ने बताया कि रक्तदान से शरीर में रक्त की कमी नहीं होती है।


रक्तदान करना पुण्य का कार्य
रक्तदान एक पुण्य का कार्य है। इसके लिए केवल संगठन ही नहीं बल्कि कोई भी रक्तदान के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इससे न शरीर में खून की कमी होती है बल्कि शरीर में नया खून बनने से और स्फूर्ति आती है।
-डॉ. विशाल श्रीवास्तव, ब्लड बैंक प्रभारी जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed